
पाली. पिछले दो दशक से अधिक समय से बुजुर्गों की सेवा में लगी सेवा समिति अब बच्चों की देख-रेख और अनाथ बच्चों को आश्रय देने की ओर कदम बढ़ा रही है। समिति जोधपुर और अन्य बड़े शहरों की तर्ज पर बच्चों के रहने और देख-रेख की व्यवस्था करेगी। इसके लिए सरकार से स्वीकृति लेने की प्रक्रिया की जा रही है।
अनाथ और असहाय नवजात बच्चों के लिए सेवा समिति ने लव-कुश आश्रम खोलने की प्रक्रिया को गति दी है। इसके लिए नए सिरे से आवेदन किया जा रहा है। विधायक ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान इसका आश्वासन भी दिया। पाली में वर्तमान में एक सरकारी स्तर पर किशोर सम्प्रेक्षण गृह और बाल सुधार गृह संचालित होता है। इसके अलावा पाली में नवजात बच्चों को आश्रय देने के लिए ऋषिकुल आश्रम भी व्यास दम्पती संचालित करते हैं।
वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को पारिवारिक माहौल
सेवा समिति में यदि यह आश्रम की स्वीकृति मिलती है तो यहां पहले से वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के लिए पारिवारिक माहौल मिल जाएगा। बच्चों को परवरिश भी अच्छे माहौल में मिलेगी और वृद्ध जनों को भी सहायता मिलेगी।
पहले भी किया था आवेदन
समिति की ओर से पिछली बार भी आवेदन किया था लेकिन स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। अब विधायक ज्ञानचंद पारख और अन्य जन प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि सरकार की ओर से यह स्वीकृति जल्द ही जारी करवाने का प्रयास किया जाएगा।
इनका कहना...
हम लव-कुश आश्रम के लिए प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने इसके लिए आश्वासन दिया है। समिति के पास सभी सुविधाएं मौजूद हैं।
- प्रमोद जैथलिया, सचिव, सेवा समिति पाली।
सेवा समिति की ओर से पहले आवेदन आया था। लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। अब पुन: आवेदन कर रहे हैं। उम्मीद है स्वीकृति मिल जाएगी।
- जय प्रकाश चारण, सहायक निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग पाली।
Published on:
18 Apr 2018 11:58 am
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