
भावुक हुई बहनें, बोलीं... भाई जिंदा है तो ढूंढकर हमें सौंपे, नहीं तो हत्यारों को गिरफ्तार करो
पाली। हमारे भाई मनोहर का अपहरण हुए चार वर्ष से अधिक समय हो गया। हर राखी पर उसकी याद आती हैं। लेकिन पुलिस उसे अभी तक नहीं ढूंढ सकी। अब तो हमारी आंखें भी पथरा गई हैं। हमारा भाई जिंदा हैं तो पुलिस ढूंढकर हमें सौंपे, जिंदा नहीं है तो उसकी हत्या करने वालों को पकड़ सजा दे। इतना कहते ही बहन रेणुका व कंचन की आंखें भर आई।
राखी पर तरस जाती हैं आंखें
मनोहर की बहन रेणुका ने कहा कि हर साल राखी आते ही हम तीनों बहनों को हमारे एकलौते भाई मनोहर राजपुरोहित की याद आती हैं। ऐसा लगता हैं कि शायद इस बार राखी पर मनोहर घर आ जाएंगा।
...बस हमें तो हमारा बेटा चाहिए
मां मंजूदेवी व पिता प्रकाशसिंह राजपुरोहित ने कहा कि चार साल बहुत लम्बा समय होता है। काम धंधा ढंग से नहीं कर पाते। बस हमारे जीवन का अब एक ही लक्ष्य हैं कि कैसे भी कर हमें हमारो बेटा मिल जाए। उसकी फिरौती के लिए अपहरण कर हत्या कर दी गई है तो इसका पता लगाने के बाद ही चुप बैठेंगे। कारण कि 25 लाख की फिरौती मांगी गई थी। हमें फिरौती के आठ पत्र मिले। कैसे मान ले कि वह अपनी मर्जी से गया होगा।
23 नवम्बर 2016 को गायब हुआ था मनोहर
सुमेरपुर के नेतरा गांव निवासी 16 वर्षीय मनोहरसिंह राजपुरोहित 23 नवम्बर 2016 को रहस्यमयी ढंग से लापता हो गया था। वह फालना के एक निजी स्कूल में कक्षा 12वीं में पढ़ता था। हमेशा की तरह 23 नवम्बर को 2016 को बस से फालना गया था। उसके बाद फिर घर नहीं लौटा। 5 से 17 दिसम्बर 2016 के बीच कभी घर के बाहर तो कभी स्कूल के पते पर फिरौती के आठ पत्र पहुंचे।
सीबीआइ जांच को लेकर सुमेरपुर में करेंगे महारैली
नया बस स्टैंड के निकट स्थित एक होटल में परिवार के लोगों ने पत्रकारों से वार्ता की। जिसमें बताया कि 17 मार्च को सुमेरपुर में अखिल भारतीय राजपुरोहित समाज संघर्ष समिति के तत्वावधान में सीबीआइ जांच की मांग को लेकर महौरली करेंगे। इस दौरान शांतिपूर्ण ढंग से सांकेतिक धरना भी देंगे। जिससे पता चल सके कि मनोहर आखिर कहां गया। इस दौरान संघर्ष समिति के शिशुपालसिंह निम्बाड़ा, रामसिंह राडबर भी उपस्थित रहे।
Published on:
16 Mar 2021 07:10 am
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