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सरकार से आस… 2554 करोड़ मिले तो कभी नहीं हारेगा जवाईबांध, हरा-भरा होगा जिला

-इस राशि से बनने है दो बांध, बनाएंगे टनल-जवाई बांध के पुनर्भरण के लिए सिंचाई विभाग ने प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति का भेजा प्रस्ताव

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पाली

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Suresh Hemnani

Nov 09, 2022

सरकार से आस... 2554 करोड़ मिले तो कभी नहीं हारेगा जवाईबांध, हरा-भरा होगा जिला

सरकार से आस... 2554 करोड़ मिले तो कभी नहीं हारेगा जवाईबांध, हरा-भरा होगा जिला

-राजीव दवे
पाली। जवाई पुनर्भरण के लिए राज्य सरकार की ओर से बजट में 3000 करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी। इसमें से 1800 करोड़ रुपए की लागत से बांध, टनल व पाइप लाइन का कार्य होना तय किया गया था। इसके विपरीत सिंचाई विभाग की ओर से दो बांध, टनल के लिए जो प्रस्ताव बनाया गया है, वह 2554.23 करोड़ रुपए का है। जिसे सिंचाई विभाग की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता (परियोजना) को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा गया है। वह मिलने के बाद सिंचाई विभाग की ओर से बांध निर्माण के लिए कदम बढ़ाया जा सकेगा।

पानी स्थानान्तरित करने के लिए बनेगी चार टनल
सेई व साबरमति नदी पर बनने वाले दो बांधों से जवाई बांध में पानी स्थानान्तरित करने के लिए तीन टनल का निर्माण कराया जाएगा। इसमें से दो टनल 5.82 किलोमीटर व 7.42 किलोमीटर की टनल सिंचाई विभाग की ओर से बनाई जाएगी। जो 2554.23 करोड़ रुपए के प्रस्ताव में शामिल है। जबकि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचइडी) की ओर से 7.8 किमी की टनल बनवाई जाएगी। इसके साथ ही पीएचइडी की ओर से 15.12 किमी की एक पाइप लाइन बिछाई जएगी। जिसमें पम्पिंग कर पानी जवाई की तरफ लाया जाएगा। एक पाइप लाइन 34.27 किमी की होगी। जिसमे ग्रेविटी से पानी जवाई की तरफ बहेगा।

दो बांध बनने हैं प्रस्तावित
सिंचाई विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव में दो बांध बनाए जाने है। एक बांध सेई नदी पर 2364 एमसीएफटी का बनाया जाएगा। जिससे 318 एमसीएफटी पानी जवाई बांध में स्थान्तरित नहीं किया जा सकेगा। इस बांध से जवाई में 2046 एमसीएफटी पानी जवाई तक पहुंचेगा। वहीं दूसरा बांध साबरमति नदी पर 3920 एमसीएफटी भराव क्षमता का बनाया जाना है। इसमें से 1164 एमसीएफटी पानी जवाई में स्थानान्तरित नहीं हो सकेगा। इस बांध से 2806 एमसीएफटी पानी जवाई तक पहुंच सकेगा। इस तरह दो बांधों से जवाई तक 4852 एमसीएफटी पानी आएगा।

पेयजल के लिए बन रहे बांध
सेई व साबरमति नदी पर दो बांध पेयजल के लिए बन रहे है। इन बांधों के निर्माण की राशि के लिए पीएचइडी को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।-नानूराम रोट, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग, पाली

इतनी भूमि पर बनेंगे बांध
● 16 गांव आएंगे बांधों के डूब क्षेत्र में
● 1864.21 हैक्टेयर भूमि बांध के डूब क्षेत्र में आएगी
● 983.76 हैक्टेयर निजी भूमि आएगी डूब क्षेत्र में
● 880.45 हैक्टेयर सरकारी व वन भूमि आएगी बांधों के डूब क्षेत्र में