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Railway: जाने क्यों नहीं दौड़ेंगे पाली होकर डीजल इंजन

भगत की कोठी शेड पहुंचे 38 इलेक्ट्रिक इंजन, रफ्तार से दौड़ेंगी रेलगाडि़यां रेलवे बोर्ड ने जोधपुर मंडल के लिए 55 इलेक्ट्रिक इंजन किए स्वीकृतजोधपुर मंडल के 1053 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण

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पाली

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Rajeev Dave

Sep 23, 2023

Railway: जाने क्यों नहीं दौड़ेंगे पाली होकर डीजल इंजन

Railway: जाने क्यों नहीं दौड़ेंगे पाली होकर डीजल इंजन

रेलगाड़ी के ईंजनों से निकलने वाला धुआं अब नजर नहीं आएगा। डीजल जलने से होने वाला प्रदूषण भी नहीं होगा। रेलवे बोर्ड ने उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल को 55 इलेक्ट्रिक इंजन आवंटित किए है। इन इंजनों का उपयोग होने से जोधपुर मंडल के पाली के साथ अन्य रेलवे स्टेशनों पर कुछ दिन बाद डीजल इंजन नजर आना बंद हो जाएंगे। मंडल के 1053 किलोमीटर रेलमार्ग का विद्युतीकरण हो चुका है। डीआरएम पंकज कुमार सिंह ने बताया कि जोधपुर मंडल को रेलवे बोर्ड ने इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों के संचालन के लिए 55 इलेक्ट्रिक लोको आवंटित किए हैं। जिनमें से 38 इंजन जोधपुर मंडल को मिल चुके हैं। उनमें से 35 इंजन से ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया गया है।
वडोदरा में दिलवाया प्रशिक्षण
जोधपुर मंडल को मिले इलेक्ट्रॉनिक इंजन का रखरखाव भगत की कोठी डीजल शेड में किया जा रहा है। इन इंजनों की मरम्मत के लिए डीजल शेड के कर्मचारियों को वड़ोदरा में प्रशिक्षण दिलाया गया है।

1626 किमी का होगा विद्युतीकरण
जोधपुर मंडल के सभी रेलवे लाइनों का दिसंबर तक विद्युतीकरण किया जाना है। मंडल के 1626 किलोमीटर लम्बे मार्ग में से 1053 किलोमीटर रेलमार्ग का विद्युतीकरण किया जा चुका है। वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (डीजल) जोगेंद्र मीणा ने बताया कि गाज़ियाबाद इलेक्ट्रिक लोको शेड से 10, कानपुर इलेक्ट्रिक लोको शेड से 1 और काजीपेट इलेक्ट्रिक लोको शेड से 2 लोकोमोटिव मिले है। अन्य 42 लोकोमोटिव नए हैं।

38 इंजन पाली मार्ग पर
जोधपुर मंडल में संचालित 38 इलेक्टि्रक इंजन पाली-मारवाड़ जंक्शन मार्ग पर संचालित हो रहे हैं। इस मार्ग पर मंडल की ओर से एक सप्ताह में करीब 78 ट्रेन चलती है। रेलवे के अनुसार इस मार्ग पर अभी उन रेलगाडि़यों में ही डीजल इंजन का उपयोग किया जा रहा है, जो आगे जाकर बिना विद्युतीकरण के मार्ग पर जाती है। इनमें मालगाडि़यां ही है।