
खौड़ निवासी सीता पत्नी देवीलाल व सेवाड़ी ग्राम पंचायत के गुड़ा सिरवियान निवासी खंगाराराम पुत्र खीमाराम चौधरी
Rajasthan Assembly Election 2023 राजस्थान में चुनावी बिगुल बच चुका है। नामांकन में भी गिनती के ही दिन शेष है। ऐसे में आजादी से पहले से अब तक मतदान करने आ रहे लोग खासे उत्साहित है। खासकर वे, जिन्होंने पहले आम चुनाव में अपने वोट से सरकार को चुना था। जीवन के इस लम्बे सफर में वे कई उतार-चढ़ाव देख चुके हैँ। अंग्रेजी शासन काल से प्रजातंत्र तक के कई किस्से उनके जेहन में आज भी जिंदा है। ऐसे ही कई वरिष्ठ नागरिक हमारे बीच में है, जो इस बार भी वोट देकर लोकतंत्र के पर्व में आहुति देंगे। कुछ ऐसे ही शतायु पार मदाताओं से जाने उनके अनुभव....
खेतों के बीच से जाते थे वोट देने
खौड़ निवासी सीता पत्नी देवीलाल जीवन के 104 बसंत देख चुकी है। जीवन के इस सफर में न जाने कितनी ही सरकार चुनीं। बकौल सीता देवी, स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही मतदान के अधिकार का उपयोग कर रही हूं। आज भी मैं मतदान के लिए उतनी ही उत्साहित हूं। इस बार भी मैं मतदान करूंगी। बीएलओ सुनील कुमार ने बताया कि शतायु पार मतदाता सीता देवी ने इस बार भी वोट देने की बात कही। वरिष्ठ मतदाता ने बताया कि पहली बार मतदान कब किया, वो उम्र तो याद नहीं है, लेकिन ये जरूर याद है कि उस समय बूथ तक पहुंचने के लिए सुविधा नहीं होती थी तो बूथ पर पैदल ही खेतों के बीच से जाते थे और वोट देते थे।
गांवों में गंभीरता से होता था नियमों का पालन
सेवाड़ी. बाली विधानसभा क्षेत्र के सेवाड़ी ग्राम पंचायत के गुड़ा सिरवियान निवासी 101 वर्ष के खंगाराराम पुत्र खीमाराम चौधरी ने बताया कि आजादी के बाद मैंने वोट दिया था। पहले चुनाव के दिन हर आम के लिए चर्चा का विषय होता था। उम्मीदवार का प्रचार का तरीका अलग था, लोग पैदल ही प्रचार को महत्व देते थे। पहली बार जब वोट दिया तो मन में जिज्ञासा थी। गांवों में नियमों का पालन भी गंभीरता से करते हैं। हाथ पर अमिट स्याही भी लोगों के लिए आनंद का विषय होती। जिसका वोट बाकी होता उसके आसपास कार्यकर्ता उसे समझाने में जी जान लगा देते। इस बार भी मेरा वोट देश के भविष्य निर्माण में भागीदारी निभाएगा।
Published on:
29 Oct 2023 10:54 am
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