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राजस्थान में भारत माला एक्सप्रेस-वे सुरक्षा एजेंसियों के लिए बना बड़ी चुनौती, तस्करों ने बिछाया जाल, जानें पूरा मामला

Rajasthan Bharatmala Project : राजस्थान में भारत माला प्रोजेक्ट सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। जालोर-सांचौर जिले के रास्ते गुजरात तक प्रोजेक्ट का काम अंतिम चरण में है, लेकिन उससे पहले ही इस रास्ते से तस्करी के रूट के रूप में उपयोग की आहट सुनाई दे रही है।

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पाली

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Omprakash Dhaka

May 15, 2024

Rajasthan Bharatmala Project Bharat Mala Expressway Challenge for security agencies network of smugglers drug trade

Rajasthan Bharatmala Project : आरामदायक और कम समय में लंबी दूरी तय करने का महत्वपूर्ण आधार जामनगर-अमृतसर भारतमाला एक्सप्रेस-वे सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के लिए चुनौती का कारण बनने जा रहा है। जालोर-सांचौर जिले के रास्ते गुजरात तक प्रोजेक्ट का काम अंतिम चरण में है, लेकिन उससे पहले ही इस रास्ते से तस्करी के रूट के रूप में उपयोग की आहट सुनाई दे रही है। ऐसे में इस अहम रूट की भौगालिक स्थिति भी जिम्मेदार है।

पंजाब में स्मैक, एमडी तस्करी के साथ शराब तस्करी का बड़ा नेटवर्क है। दूसरी तरफ गुजरात की बात करें तो वहां शराब की डिमांड है, लेकिन शराब की वैध बिकवाली नहीं होती है। ऐसे में पंजाब से लेकर राजस्थान के जालोर-सांचौर जिले के तस्करों का गिरोह नेटवर्क चला रहा है। एक्सप्रेस-वे का काम अंतिम चरण में है, जिससे अभी पुलिस की निगरानी ज्यादा नहीं है। ऐसे में यह एक्सप्रेस-वे तस्करी में अहम किरदार निभा रहा है।

ये शुरुआती आहट बेहतर नहीं

जामनगर-अमृतसर भारत माला एक्सप्रेस वे की कुल लंबाई 1257 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेस वे पंजाब को राजस्थान के रास्ते गुजरात तक जोड़ता है। एक्सप्रेस वे में यह दूरी 15 से 16 घंटे में तय होती है।

ये बड़े शहर कनेक्ट

अमृतसर से बटिंडा की दूरी 154.886 किमी, बटिंडा से चौटाला 85.1 किमी, चौटाला से रसीसर 252.8 किमी, रसीसर से देवगढ़ 175.75 किमी, देवगढ़ से सांचौर की दूरी 208.54 किमी है। इस तरह से इन सभी प्रमुख शहरों को ड्रग्स और शराब तस्करी के प्वाइंट है। वहीं सांचौर से गुजरात राज्य में संथालपुर की दूरी 125.18 किमी है। इसी तरह संथालपुर से मलिया 124 किमी और मलिया से जागनगर की दूरी 131 किमी है। इस रूट से राजस्थान में ही हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर, बालोतरा, बाड़मेर, जालोर, सांचौर जिले की कनेक्टिविटी है और एक्सप्रेव वे तस्करों को बड़ा सुगम नेटवर्क प्रदान करने वाला है।

ये कार्रवाई दे रही संकेत

  • 29 जनवरी 2024 बालोतरा पुलिस ने अमृतसर-जामनगर ग्रीन कॉरिडोर (भारत माला एक्सप्रेस हाईवे) रेकी करते हुए दो ट्रक जब्त किए। पुलिस ने दोनों ट्रकों से 530 व 470 कर्टन पंजाब निर्मित अवैध शराब बरामद की। ये शराब गुजरात पहुंचाई जानी थी और जब्त शराब 1 करोड़ की थी।
  • 8 मई को गुजरात पासिंग कार को पीछा कर रुकवाया, बागोड़ा थाना क्षेत्र के भारत माला एक्सप्रेस वे पुल के पास इस कार्रवाई को अंजाम दिया। 100 कार्टन अवैध शराब बरामद की गई।

सीमा क्षेत्र की स्थिति भी तस्करों के अनुकूल

प्रोजेक्ट एक्सप्रेस वे बनने से पहले ये पूरा क्षेत्र वीरान था। सीमा क्षेत्र होने से ज्यादा गतिविधियां भी नहीं थी। अब एक्सप्रेस वे का काम अंतिम चरण में है, लेकिन उसके मुकाबले इस पूरे कोरिडोर पर सुरक्षा के लिए न चेक पोस्ट और चौकियां नहीं के बराबर ही है।

ज्यादातर मामले में तस्करी का ताल्लुक पंजाब-हरियाणा से

सांचौर और जालोर पुलिस की ओर से हर माह औसतन 10 के करीब शराब और स्मैक-एमडी तस्करी मामले में कार्रवाई की जाती है। जिसमें लगभग 80 प्रतिशत मामलों का जुड़ाव पंजाब या हरियाणा से होता है।

इन्होंने कहा

तस्करी के लिहाज से यह क्षेत्र संवेदनशील है। भारतमाला एक्सप्रेस वे पर तस्करी की संभावनाओं को लेकर गश्त व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। चौकी का प्रस्ताव पूर्व में भेजा जा चुका है। मैंने बालोतरा एसपी रहते हुए भारतमाला एक्सप्रेस वे पर बाड़मेर एसपी के सहयोग से दो माह में ही 12 से अधिक कार्रवाई की थी। भारतमाला एक्सप्रेसवे के पर तस्करी को रोकने के लिए विशेष प्लान तैयार किया जाएगा।

- हरिशंकर, एसपी, सांचौर