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अब ‘आदर्श’ नहीं रहेंगे सरकारी स्कूल!

मनमर्जी से स्कूलों का नाम बदल दिया : राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने अब जारी किए आदेश Rajasthan School Education Council renamed Adarsh Schools :

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पाली

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Suresh Hemnani

Sep 13, 2019

अब ‘आदर्श’ नहीं रहेंगे सरकारी स्कूल!

अब ‘आदर्श’ नहीं रहेंगे सरकारी स्कूल!

पाली। राजकीय विद्यालयों के नाम के साथ आदर्श [ Adarsh School ] व उत्कृष्ट विद्यालय [ Super school ] जोड़ा गया था। स्कूलों के संस्था प्रधानों व जिला अधिकारियों ने भी आदेश को समझे बिना धड़ाधड़ स्कूल के नाम राजकीय आदर्श या उत्कृष्ट का तमगा लगा दिया। जबकि ऐसा नहीं करना था। अब राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद [ Rajasthan School Education Council ] ने इन नामों को बदलने के आदेश पारित किए है।

राज्य परियोजना निदेशक [ State project director ] डॉ. एनके गुप्ता ने जारी आदेश में माध्यमिक व प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक [ Director of secondary and elementary education ] को स्कूलों के नाम में बदलाव के आदेश दिए है। इसमें बताया कि स्कूल के मूल नाम में आदर्श या उत्कृष्ट विद्यालय नहीं जोड़ा जाए। इसके स्थान पर राज्य की ‘आदर्श योजना अंतर्गत चयनित विद्यालय’ या राज्य सरकार की ‘उत्कृष्ट योजना अन्तर्गत चयनित’ लिखा जाएगा।

पोर्टल पर भी बदल दिया नाम
आदर्श व उत्कृष्ट योजना के तहत पहले से ही आदर्श योजना अन्तर्गत चयनित लिखा जाना था, लेकिन संस्था प्रधानों व अधिकारियों ने इस लाइन को पढ़ा तक नहीं और शाला दर्शन व शाला दर्पण पोर्टल पर स्कूलों का नाम राजकीय आदर्श, आदर्श राजकीय, उत्कृष्ट राजकीय या राजकीय उत्कृष्ट कर दिया। ऐसा महज पाली जिले में ही नहीं पूरे प्रदेश में किया गया। बाड़मेर के कुछ स्कूलों में जरूर नियमानुसार आदर्श या उत्कृष्ट योजना अन्तर्गत चयनित लिखा गया था।

लेटर हैड तक बनवा दिए
संस्था प्रधानों ने स्कूल के बोर्ड बदलवा दिए। इसके अलावा लेटर हैड में भी स्कूल का नाम गलत कर दिया। जो लम्बे समय से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक पहुंच रहा है, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। संस्था प्रधानों ने स्कूल की स्टाम्प (मोहर) में भी आदर्श व उत्कृष्ट शब्द को जोड़ दिया।

पाली जिले के आंकड़ों पर नजर
पाली में उत्कृष्ट विद्यालय -292
ग्रामीण आदर्श विद्यालय -321
शहरी आदर्श विद्यालय - 09

नहीं जोडऩा था आदर्श व उत्कृष्ट
इस योजना में किसी स्कूल के नाम के साथ आदर्श या उत्कृष्ट नहीं जोडऩा था, लेकिन संस्था प्रधानों ने बिना सोचे समझे स्कूल के नाम ही बदल दिए। पाली में राजकीय आदर्श तो जालोर में आदर्श राजकीय तक लिखा गया। ऐसी ही गलती अन्य जगह पर भी की गई। अब इन नामों में सुधार करने के फिर से निर्देश दिए गए है। -श्यामसुंदर सोलंकी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, पाली

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