
Raksha Bandhan 2022 : पाली/बाबरा। ‘जब तक सूरज चांद रहेंगा, शहीद हनुमानसिंह का नाम रहेगा.., भारत माता की जय’ गगनभेदी नारे पाली जिले के भंवरिया गांव में गूंज उठा। वैसे तो शहीद हनुमानसिंह की शहादत दिवस प्रतिवर्ष शहीद के परिजन, ग्रामीण श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धा के साथ याद करते है।
गुरुवार को भाई-बहन के अटुट प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन पर्व पर भंवरिया गांव के शहीद हनुमानसिंह की प्रतिमा पर शहीद की बहन कमला देवी गुरूवार सुबह अपने ससुराल रावत खेड़ा नानणा से पीहर भंवरिया गांव पहुंची। जहां अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए सबसे पहले शहीद भाई हनुमानसिंह की प्रतिमा स्थल पर पहुंच कर प्रतिमा पर धूप-ध्यान कर शहीद की प्रतिमा पर राखी बांधकर बहन कमला देवी शहीद की प्रतिमा से लिपटकर फफक कर रो पड़ी। इस भावुक माहौल में मौके पर मौजूद भंवरिया गांव से शहीद की पत्नी सैना देवी, उपसरपंच बाबुसिंह गहलोत, शहीद का भाई नारायणसिंह, भतीज शैतानसिंह, करणसिंह, अजयपालसिंह, परमेश्वरसिंह, महेन्द्र गुर्जर सहित परिजनों व ग्रामीणों की आंखे नम: हो उठी।
गांव में निकाली तिरंगा रैली
गांव भंवरिया में सुबह ग्रामीणों व युवाओं ने शहीद हनुमानसिंह अमर रहे, भारत माता के जयकारे लगाते हुए तिरंगा ध्वज फहराकर गांव में तिरंगा रैली निकाली। रैली गांव के मुख्य रास्ते से होकर शहीद की प्रतिमा स्थल पर पहुंची। रैली में दौरान शहीद की पत्नी सैनादेवी, बहन कमलादेवी, भाई नारायणसिंह, उपसरपंच बाबुसिंह गहलोत, शैतानसिंह, करणसिंह, अजयपालसिंह, परमेश्वरसिंह, नूराजी काठात, भोमसिंह, जगदीशसिंह, हुकमसिंह, कालुसिंह, महेन्द्र गुर्जर सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साह के साथ तिरंगा रैली निकाली।
हिफाजत -11 के दौरान हुए शहीद
पाली जिले के रायपुर उपखण्ड के नवसृजित पाटन पंचायत के भंवरिया गांव के शहीद हनुमानसिंह 32वीं राष्ट्रीय राजपुताना बटालियन में तैनात रहते हुए 13 फरवरी 1999 को हिफाजत- 11 के ऑपरेशन के दौरान मणिपुर की राजधानी इम्फाल के निकट चूड़ा चांदपुर में उग्रवादियों से मुठभेड़ में संघर्ष करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। शहीद हनुमानसिंह की इस वीरता पर आज भी भंवरिया गांव में अमर गाथा गाई जाती है।