
पाली. मस्तान बाबा का उर्स रविवार को अकीदत से मनाया गया। मुस्लिम भाइयों के साथ शहरवासियों ने बाबा की मजार पर फूल व चादर पेश कर अमन-चैन की दुआ की। बाबा के उर्स में बाद नमाजे फज्र कुरान ख्वानी का कार्यक्रम हुआ। इसके बाद बाद नमाजे अस्र हैदर कॉलोनी स्थित साल वाले बाबा की दरगाह से बैण्ड बाजों के साथ चादर का जुलूस निकाला गया।
चादर का जुलूस विभिन्न मार्गों से होकर बाबा के दरबार में पहुंचा। वहां राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ जयपुर के इसहाक अहमद नकवी की उपस्थिति में बाबा की मजार पर चादर पेश की गई।
पेश की कव्वालियां
चादर पेश करने के बाद इरफान तुफैल ने कव्वालियां पेश कर समां बांध दिया। उन्होंने रंगे अली में जो रंग जाए हो जाए वो वली मेरे मौला अली... व ख्वाजा ए ख्वाजगाह की चादर है मस्तान शाह बाबा की चादर है... जैसी कव्वालियां पेश कर श्रोताओं के दिल में मदीना बसा दिया। इसके बाद उन्होंने रात को मस्तान शाह बाबा तेरी शान अल्लाह ही अल्लाह... व दिल्लगी मेरी कोई क्या जाने दिल ही जाने... जैसी कव्वालियां पेश कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
नेकी करने को कहा
उर्स में रात को सूरत के मौलाना जाकीर रजा ने तकरीर पेश की। उन्होंने अल्लाह के बताए नेकी के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। इससे पहले नातख्वाह मोहम्मद शरीफ रिजवी के साथ अन्य नातख्वाहों ने एक से बढ़कर एक नातख्वानियां पेश की। अयूब भाई गुडलक ने बताया कि उर्स की सरपरस्ती कादरी चिश्ती शहीदी ने की। निजामत ईदगाह के पेश इमाम कफील दानिश ने की। मुजावर अख्तर हुसैन थे।
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