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अब इस बांध व इन नहरों से पानी का नहीं होगा अपव्यय, बदलेगी सूरत

जायका परियोजना के तहत हेमावास बांध का होगा कायाकल्प18.40 करोड़ रुपए से करवाया जा रहा कार्य

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पाली

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Suresh Hemnani

Jan 02, 2024

अब इस बांध व इन नहरों से पानी का नहीं होगा अपव्यय, बदलेगी सूरत

अब इस बांध व इन नहरों से पानी का नहीं होगा अपव्यय, बदलेगी सूरत

किसानों की आय बढ़ाने व कृषि के बेहतर उत्पादन के उद्देश्य से जायका के तहत पाली के निकट हेमावास बांध व उसकी नहरों के मरम्मत का कार्य करवाया जाएगा। हेमावास बांध की मरम्मत का कार्य तो शुरू करवा दिया गया है। वहीं नहर की मरम्मत व घाटों आदि के निर्माण के लिए सर्वे किया गया है। यह कार्य भी जल्द शुरू करवाया जाएगा।

दरअसल, राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना के तहत जायका के माध्यम से हेमावास बांध व उसकी नहरों की मरम्मत के लिए 18.40 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली थी। इसके तहत हेमावास बांध की टूटी व जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी आकेली पाल की मरम्मत करवानी शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही बांध के फुट ओवरब्रिज में भी दरारें आ गई थी। वह कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गया था। उसे भी ठीक करवाया जा रहा है। इससे पानी व्यर्थ नहीं बहेगा और किसानों को राहत मिलेगी।

अभी मंथर गति से चल रहा कार्य
जायका योजना के तहत हेमावास बांध की मरम्मत और नहरों का कार्य अभी बांध में पानी का भराव होने के कारण मंथर गति से चल रहा है। बांध से पाण का पानी देने के बाद बांध में पानी खत्म होने पर यह कार्य गति पकड़ेगा। ऐसे में इस कार्य का लाभ किसानों को अगले साल सिंचाई के समय मिल सकेगा।

केनाल पर खर्च होंगे करीब 12 करोड़ रुपए
जायका के तहत स्वीकृत इस कार्य में नहरों की मरम्मत पर करीब 12 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जानी है। इस राशि से नहरों को ठीक करने के साथ ही उस पर मवेशियों के पानी पीने व लोगों की नहर तक पहुंच सुविधाजनक बनाने के लिए घाट भी बनाए जाएंगे। नहर के दरवाजों को भी ठीक करवाया जाएगा।

आय बढ़ाने के लिए यह भी करते हैं
राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना के तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए पानी को व्यर्थ होने से रोकने व मरम्मत के साथ ही सोलर पम्प लगवाए जाते है। इसके साथ ही मिनी स्प्रिंकलर, मिनी बेड बंटवाए जाते हैं। डिग्गियां भी बनवाई जाती है।

व्यर्थ नहीं बहेगा बांध का पानी
जायका के तहत नहरों का सर्वे किया है। वहीं हेमावास बांध पर मरम्मत का कार्य भी शुरू करवा दिया है। यह कार्य पूरा होने पर बांध से सिंचाई के लिए पानी देने पर वह व्यर्थ नहीं जाएगा। राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना है। उसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्य हो रहे है।
-रामअवतार, एइएन, सिंचाई विभाग, पाली

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