5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अतिक्रमण हटाने के लिए ग्राम पंचायतों को दिया अधिकार

- चारागाह भूमि पर अतिक्रमण, पंचायतें करेंगी कार्रवाई

2 min read
Google source verification

पाली

image

Chenraj Bhati

Jul 05, 2022

अतिक्रमण हटाने के लिए ग्राम पंचायतों को दिया अधिकार

अतिक्रमण हटाने के लिए ग्राम पंचायतों को दिया अधिकार

सुमेरपुर ( पाली ) । हर साल बारिश से पूर्व ग्राम पंचायतों के अधीन वाली चारागाह भूमि पर बिना किसी स्वीकृति ग्रामीणों द्वारा खेती कर दी जाती है। पंचायतों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं करने से धीरे-धीरे अतिक्रमण कर दिया जाता है। जिला कलक्टर के निर्देश पर अब ग्राम पंचायतों को चारागाह भूमि को सुरक्षित रखने के लिए सीमाज्ञान कर पत्थरगढ़ी की जाएगी। प्राचीनकाल से ही राजस्थान के ग्रामीण इलाके में गांव में पशुओं के संरक्षण के लिए आवश्यक भूमि सुरक्षित रखी जाती थी। जिसे चारागाह भूमि नाम दिया गया। ग्राम पंचायतों की ओर से इस ओर ध्यान नहीं देने से ग्रामीण इस भूमि पर बिना स्वीकृति फसल पैदा करते हैं। धीरे-धीरे कांटों की बाड़ बनाकर अस्थाई अतिक्रमण कर दिया जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। प्रदेशभर में चारागाह भूमि पर लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण के बाद राजस्थान सरकार के निर्देश पर जिला कलक्टर ने पाली जिले की सभी पंचायत समितियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं।

पुलिस जाब्ता के साथ हटेगा अतिक्रमण

ग्राम पंचायतों को जारी निर्देश के अनुसार बोर्ड लगाने व भूमि को सुरक्षित रखने के प्रयास के बावजूद कोई अतिक्रमण करता है तो कार्रवाई अनुमति के लिए तहसीलदार को सूचना देनी होगी। इसके अलावा ग्राम पंचायत द्वारा पंचायत भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए सीधे पुलिस थाना अथवा उपखण्ड मजिस्ट्रेट को पत्र देकर सहायता ली जा सकती है। पत्र में चारागाह भूमि विकास के लिए मनरेगा कार्य के तहत खाई फेंसिग और पौधरोपण जैसे कार्यों की स्वीकृति के लिए 15 दिवस के भीतर स्वीकृत करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई नहीं करने वाले सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

पत्थरगढ़ी कर सुरक्षित करने के निर्देश

जिला कलक्टर के निर्देश की पालना में सुमेरपुर पंचायत समिति के विकास अधिकारी सोहनलाल डारा ने सभी 30 ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी किए हैं। जिसमें ग्राम पंचायतों के सरपंच, वार्डपंच व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा चारागाह भूमियों का निरीक्षण करने, जरूरत पडऩे पर भूमि का सीमाज्ञान कर पत्थरगढ़ी करने, चारागाह भूमियों पर चारों दिशाओं में लोहे का बोर्ड बनाकर सीमेंट की कंकरीट पर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।