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सालों बीते, ग्रामीणों की आंखें आज भी कर रही रोडवेज बसों का इंतजार

- अब मारवाड़ जंक्शन व जैतारण विधायक ने उठाया विधानसभा में मुद्दा- जिले की 204 ग्राम पंचायतें रोडवेज सुविधा से वंचित

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पाली

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Suresh Hemnani

Feb 24, 2021

सालों बीते, ग्रामीणों की आंखें आज भी कर रही रोडवेज बसों का इंतजार

सालों बीते, ग्रामीणों की आंखें आज भी कर रही रोडवेज बसों का इंतजार

पाली। पाली जिले में आधी से अधिक ग्राम पंचायतों में सालों बाद भी रोडवेज बसें नहीं पहुंच पा रही है। मजबूरन उन्हें सफर तय करने के लिए निजी बसों की सुविधा लेनी पड़ रही है। सालों पुरानी ग्रामीणों की समस्या को अब मारवाड़ जंक्शन विधायक खुशवीरसिंह व जैतारण विधायक अविनाश गहलोत ने विधानसभा में उठाया और ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज सेवा शुरू करने की मांग उठाई।

राज्य में कई सरकारें आई और गई, लेकिन ग्रामीणों को यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की कोई प्रभावी योजना नहीं बनाई गई है। इसी का परिणाम है कि जिले की 321 ग्राम पंचायतों में से 204 ग्राम पंचायत मुख्यालय तक आज भी रोडवेज बस नहीं जाती। ऐसे में ग्रामीणों को मुंह मांगा किराया देकर निजी बसों में सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने रोडवेज बसें शुरू करने की मांग को लेकर कई बार जिला कलक्टर व जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटाए, लेकिन मायूसी ही हाथ लगी। अब विधानसभा में ये मुद्दा गूंजने से ग्रामीणों को आस जगी है कि उनके गांवों में भी रोडवेज बसें पहुंच सकेगी।

निजी बस संचालकों ने नहीं दिखाई रुचि
ग्रामीणों की इस समस्या के समाधान के लिए अपने पहले के कार्यकाल में गहलोत सरकार ने पीपीपी योजना शुरू की थी। इसके तहत रोडवेज बस सेवा से वंचित ग्राम पंचायतों को रोडवेज बस सुविधा से जोडऩे के लिए निजी बस संचालकों को तय मापदंड के तहत राशि अदा कर ग्रामीण रूट पर संचालित करने का प्लान बनाया था। इसके तहत निजी बस संचालकों से आवेदन भी मांगे गए, लेकिन उन्होंने इस योजना में रुचि नहीं दिखाई।

परिवहन विभाग जागे हो तो मिले राहत
जिन निजी बस संचालकों के पास ग्रामीण रूट का परमिट है। उनमें से अधिकतर सवारियां लेने के चक्कर में ग्रामीण रूट की अपेक्षा हाइवे पर अपनी गाडिय़ां दौड़ा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को बस सुविधा नहीं मिल पा रही। परिवहन विभाग इनको निर्धारित रूट पर संचालित करने का कार्य प्रभावी तरीके से करे तो कुछ हद तक इस समस्या का समाधान हो सकता है।

आज तक नहीं देखी गांव में रोडवेज
48 साल की उम्र हो गई है। अभी तक एक बार भी रेंदड़ी गांव में रोडवेज बस आती नहीं देखी। सोजत से रेंदड़ी, भैसाणा, दूदौड़, मारवाड़ जंक्शन रूट पर बस शुरू हो तो ग्रामीणों को सुविधा मिले। गांव से शहर आने के लिए निजी बसों व आवश्यकता होने पर निजी वाहनों का उपयोग करना पड़ता है। - जगदीशसिंह लखावत, रेंदड़ी

समाधान अभी भी दूर
क्षेत्र की अधिकतर ग्राम पंचायतों से उपखंड मुख्यालय तक आने के लिए रोडवेज बस सुविधा सालों से नहीं है। कई बार मांग उठा चुके है लेकिन समाधान अभी तक नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीण निजी बसों में सफर करने को मजबूर है। - धनसिंह कुम्पावत, अध्यक्ष सरपंच संघ, मारवाड़ जंक्शन