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Sakhi Center : इस शहर में पीड़िताओं के लिए सखी सेंटर बना सहेली, महिलाओं को मिला सम्बल

पीड़ित महिलाएं 181 पर कर सकती हैं शिकायत

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Sakhi Center : इस शहर में पीड़िताओं के लिए सखी सेंटर बना सहेली, महिलाओं को मिला सम्बल

Sakhi Center : इस शहर में पीड़िताओं के लिए सखी सेंटर बना सहेली, महिलाओं को मिला सम्बल

घर से भटकी किशोरियों, युवती व प्रताड़ना से ग्रसित महिलाओं के लिए पाली में बना वन स्टॉप सेंटर (सखी) एक तरह से सहेली के तौर पर मदद दे रहा है। राह से भटकी बेटियों को जहां राह दिखाई जा रही है तो उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को राहत मिल रही है। करीब छह साल के इस सफर में 1177 में से 1170 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
पाली में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 13 अक्टूबर 2017 से बांगड अस्पताल परिसर में ये केंद्र खोला गया। केंद्र खुलने के बाद इसमें घरेलू हिंसा, लैंगिक उत्पीड़न, मानव तस्करी, गुमशुदा, साइबर क्राइम, बाल विवाह, विवाह में चयन का अधिकार, बाल यौन उत्पीड़न, छेड़खानी या पीछा करना आदि महिलाओं से जुड़े प्रकरणों का समाधान किया गया। विभाग की ओर से इनकी काउंसिलिंग की जाती है और उनको न्याय दिलवाया जाता है। सेंटर में छह से आठ साल तक के बच्चे आते हैं, तो उनको अपनी मां के साथ रहने की अनुमति दी जाती है। सखी सेंटर में ऐसी पीड़िताओं को कम से कम पांच दिन तक रखा जाता है, लेकिन डिमांड अधिक हो तो 10 दिन तक भी उनको रखने का प्रावधान है।

महिलाओं को लौटाई खुशियां
अक्टूबर 2017 से 18 सितम्बर 2023 तक सखी वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिलाओं से संबंधित 1177 मामले पहुंचे। इनमें से अधिकतर घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के मामले थे। 1170 केस आपसी समझाइश से निपटाए गए। महिलाओं को हंसी-खुशी परिवार के साथ भेजकर उनका घर टूटने से बचाया गया। पीड़ित महिलाओं के लिए सेंटर किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रहा।

ये है वन स्टॉप सेंटर योजना
हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को एक ही छत के नीचे अस्थायी आश्रय देने के साथ ही पुलिस, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर खोले गए।

यों बढ़े साल दर साल आंकड़े
वर्ष-माह प्रकरण की संख्या
13 अक्टूबर 2017 से 30 मार्च 2018 तक 44
1 अप्रेल 2018 से 30 मार्च 2019 तक 137
1 अप्रेल 2019 से 30 मार्च 2020 तक 126
1 अप्रेल 2020 से 30 मार्च 2021 तक 166
1 अप्रेल 2021 से 30 मार्च 2022 तक 187
1 अप्रेल 2022 से 30 मार्च 2023 तक 317
1 अप्रेल 2023 से 18 सितम्बर 2023 तक 200

पीड़ित महिला को मिलता सहयोग
सखी वन स्टॉप सेंटर में हर प्रकार की पीड़ित महिलाओं व युवतियों को पूरा सहयोग दिया जाता है। भटकाव में आकर घर से जाने वाली लड़कियों से लेकर किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की शिकार महिलाओं को यहां पर सुविधा दी जाती है। उनकी काउंसिलिंग भी करवाई जाती है।
अंकिता राजपुरोहित, सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता विभाग, पाली

योजना के पोस्टर लगवा रहे
वन स्टॉप सेंटर की जानकारी महिलाओं तक पहुंचाने के लिए जिले के प्रत्येक थानों के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी योजना से संबंधित जानकारी वाले पोस्टर लगवाए जा रहे हैं। केन्द्र पर अब तक आए प्रकरणों का निस्तारण कर महिलाओं का सहयोग किया गया है।
देवी बामणिया, केन्द्र प्रबंधक, सखी वन स्टॉप सेंटर, पाली

महिलाओं को हो जानकारी
महिला अधिकारिता विभाग की वन स्टॉप सेंटर योजना तो शानदार है, लेकिन इसकी जानकारी महिलाओं को होनी चाहिए। सरकार को व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए, जिससे महिलाओं को सम्बल मिलेगा।
भावना, गृहिणी

खुलकर बता रही समस्याएं
यह बेहद अच्छी बात है कि इस योजना में महिलाएं खुलकर अपनी समस्याएं बता रही है। इससे उनको सम्बल तो मिल ही रहा है। वही न्याय भी मिला है। साथ ही महिलाओं का हौसला भी बुलंद हुआ है।
पारू, गृहिणी