First Monday of Sawan : श्रावण के पहले सोमवार को तड़के से ही पाली शहर के साथ जिले में मेघों ने महादेव की स्तुति शुरू कर दी। जब कैलाशपति के भक्त नींद से जागे तो आसमान से बरसती बूंद भोले का अभिषेक कर रही थी। जिसे देखकर भक्त की आतुर हो उठे और ओम नम: शिवाय का जाप करते हुए नीलकंठ के दरबार की ओर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी, जल, बिल्व पत्र, आक के फूल आदि लेकर बढ़ चले। मूसलाधार बरसात के बीच शिवालयाें में पहुंचकर शिवाभिषेक किया।
रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों से अभिषेक
पाली शहर के सोमनाथ महादेव मंदिर में भोलेनाथ का विशेष पूजन व अभिषेक किया जाएगा। शिव शंकर का फूलों, बिल्व पत्रों, आभूषणों से ऐसा श्रृंगार किया कि श्रद्धालु निहारते रह गए। लाखोटिया महादेव, पंचमुखी महादेव, निहालेश्वर महादेव, मण्डलेश्वर महादेव, रत्नेश्वर महादेव, पातालेश्वर महादेव, नर्मदेश्वर, बड़लेश्वर महादेव के साथ सभी शिव मंदिरों में भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी।
बाबा के दर्शन करने गए श्रद्धालु
श्रावण के पहले सोमवार को श्रद्धालु अरावली की वादियों में परशुराम महादेव के दर्शनार्थ गए। इसके साथ ही जिले सहित अन्य जिलों में स्थित महादेव के मंदिरों में भी श्रद्धालु दर्शन करने गए। कई जगह पर भक्ति संध्याओं का आयोजन किया गया।