पाली। साइबर क्राइम की घटनाओं में लगातार बढ़ रही हैं। रिजर्व बैंक भी बैंक ग्राहकों को सचेत कर रहा है कि किसी भी लालच में न पड़े। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआइ) ने अपने ग्राहकों को अलर्ट करते हुए कहा कि चार एप से बचकर रहें, अन्यथा आपका बैंक खाता मिनटों में खाली हो जाएगा। जालसाज किसी तरह से बैंक उपभोक्ताओं से ये चार एप को डाउनलोड करा लेते हैं और उसके बाद खाता साफ कर देते हैं।
एसबीआइ का अलर्ट- इन चार एप से बचें
अपने खाताधारकों को अलर्ट करते हुए स्टेट बैंक ने कहा कि एनीडेस्क, क्विक सपोर्ट, टीम व्यूअर और मिंगलव्यू एप्प को भूलकर भी अपने मोबाइल पर इस्टॉल न करें। एसबीआई ने अपने खाताधारकों को यूनीफाइड पेमेंट सिस्टम को लेकर भी सतर्क किया है। एसबीआइ ने कहा कि किसी भी अज्ञात सोर्स से यूपीआई कलेक्ट रिक्वेस्ट या क्यूआर कोड स्वीकार न करें।
अज्ञात वेबसाइट के चक्कर में न पड़ें
स्टेट बैंक ने अलर्ट करते हुए अज्ञात वेबसाइट से हेल्पलाइन नंबर खोजने की भूल न करें, क्योंकि आधा दर्जन से ज्यादा फर्जी वेबसाइट एसबीआई के नाम पर चल रही हैं। किसी भी समाधान के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर ही जाएं और ठीक से चेक करने के बाद ही अपनी सूचनाएं साझा करें।
ठगी होने पर इस नम्बर पर करें शिकायत
किसी भी बैंक ग्राहक के साथ साइबर ठगी होने पर वह 155260 नम्बर, जो नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के है, इस पर शिकायत करें।
सतर्क रहें, बैंक कोई जानकारी नहीं मांगता
यह सही है कि इन दिनों साइबर ठगी बढ़ रही है। मोबाइल पर कई प्रकार के एप से भी ठगी हो रही है। ऐसे एप डाउनलोड करने से बचें। बैंक कभी भी ग्राहक के आधार नम्बर, पेन नम्बर, एटीएम पिन व खाता नम्बर मोबाइल पर नहीं पूछता। किसी को भी यह जानकारी नहीं दें। ठगी होने पर तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोटिंग पार्टल व एसबीआई के कस्टमर केयर पर सूचना दें। – मनोज देवल, फिल्ड ऑफिसर, एसबीआई, कलक्ट्रेट ब्रांच, पाली।