
एसडीएम से बोला पशु चिकित्सक, गायों का उपचार करने गांवों में आया हूं, चार सवाल दागे तो पकड़ में आया झूठ
पाली/रोहट। कोरोना जैसी महामारी में बिना सूचना मुख्यालय छोडऩा और झूठ बोलना एक पशु चिकित्सक को भारी पड़ गया। चिकित्सक को नोटिस जारी किया गया है।
दरअसल, उपखण्ड अधिकारी ललित मीणा को सूचना मिली कि ग्रामीण घायल गोवंश को लेकर अस्पताल आए, लेकिन पशु चिकित्सक डॉ. देवेन्द्र यादव उपस्थित नहीं है। इस पर एसडीएम मीणा ने डॉ. यादव को कॉल किया और लोकेशन पूछी। डॉ. यादव ने कहा कि वह रामपुरा गांव में पशुओं का उपचार करने गया है। इस पर एसडीएम ने लाइव लोकेशन भेजने के निर्देश दिए। इस पर डॉ. यादव ने नेटवर्क की समस्या बता दी।
एसडीएम ने कहा कि जिसके घर आए हो उससे बात करा दो। चिकित्सक ने एक महिला से बात कराई। महिला से एसडीएम ने कुछ जानकारी पूछी तो वह ठीक से जवाब नहीं दे पाई। उन्होंने कड़ाई से पूछा तो चिकित्सक ने हकीकत बयां कर दी। चिकित्सक बोला, वह जोधपुर अपने घर आया हुआ है। उपखण्ड अधिकारी ने जिला कलक्टर के आदेशों का हवाला देते हुए बिना सूचना मुख्यालय छोडऩे पर नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।
कई बार मिली शिकायतें
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेन्द्र यादव की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों ने कई बार शिकायतें की है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल अक्सर बंद मिलता है। इससे गोवंश को समय पर उपचार नहीं मिल रहा है।
Published on:
21 May 2021 12:10 pm
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