
नई पीढ़ी को बचाने के लिए आगे आया समाज, आठ गांव नहीं करेगा अफीम का नशा
पाली। मारवाड़-गोडवाड़ में सामाजिक कार्यक्रमों में अफीम व डोडा-पोस्त की मनुहार का चलन वर्षों से है। लेकिन पाली जिले के सीरवी समाज के सरदारसंमद परगना के 8 गावों ने अब सामाजिक कार्यक्रम में अफीम की मनुहार नहीं करने का संकल्प किया है। अब इन गांवों में सीरवी समाज के लोग नशा नहीं करेंगे और लोगों को भी नशे से दूर रहने की सीख देंगे।
कई सालों से था नशे का चलन, अब मुक्ति
पाली जिले के निकट सरदार समंद चौताला केे नई ढाणी, काला पीपल की ढाणी, इन्द्रोका की ढाणी, भालेलाव, झीतड़ा, सरदारसंमद, माडपुरिया व भाकरीवाला गांव के सीरवी समाज का वार्षिक अधिवेशन परगना के अध्यक्ष हरिराम काग की अध्यक्षता तथा सभी गावों के कोटवाल- जम्मादार सहित सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में हुआ। इसमें समय की मांग को देखते हुए नशे व अफीम की मनुहार को बंद करने का मुद्दा गोपाराम पंवार राष्ट्रीय समन्वयक नशा मुक्ति एवं समाज सुधार अभियान द्वारा उठाया गया। सरदारसंमद परगना द्वारा अफीम मनुहार पर सख्ती से लगाई रोक लगाते हुए नशा व इसकी मनुहार नहीं करने का संकल्प किया।
यह प्रथा है मारवाड़-गोडवाड़ में
मारवाड़-गोडवाड़ के सैकड़ों गांवों में किसी भी शादी समारोह, उत्सव व मृत्यु पर होने वाले कार्यक्रम व सभा में अधिकांश समाजों में अफीम व डोडा पोस्त की मनुहार का रिवाज है। इससे बड़ी मात्रा में युवा व बुजुर्ग नशे की लत में है। साथ ही बड़े स्तर पर आर्थिक नुकसान भी होता है। इस रिवाज को तोड़ने के लिए कई समाज पहल कर चुके हैं। नशे की यह खेप तस्करी से पहुंचाई जाती है। सामाजिक मामला होने के कारण पुलिस प्रशासन भी कार्रवाई नहीं करता है।
नहीं करेंगे नशा
सीरवी समाज के सरदार समंद चौताला के आठ गांवों ने अफीम की मनुहार व नशा नहीं करने का संकल्प किया है। यह नशा मुक्ति की दिशा में बड़ा कदम है। - गोपाराम पंवार, राष्ट्रीय समन्वयक नशा मुक्ति एवं समाज सुधार अभियान।
Published on:
13 Jun 2022 01:08 pm
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