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सभी ‘मौत’ से लड़ रहे, कुछ ऐसे भी, जो नहीं आ रहे आदत से बाज

-शहर में कोरोना गाइड लाइन को तोड़ रहे दुकानदार व ग्राहक-पुलिस को जबरदस्ती बंद करवानी पड़ी रही दुकानें

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पाली

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Suresh Hemnani

Apr 27, 2021

सभी ‘मौत’ से लड़ रहे, कुछ ऐसे भी, जो नहीं आ रहे आदत से बाज

सभी ‘मौत’ से लड़ रहे, कुछ ऐसे भी, जो नहीं आ रहे आदत से बाज

पाली। कोरोना की दूसरी लहर मौत बनकर कहर बरपा रही है। इससे लडऩे के लिए हर कोई अपना पूरा सहयोग करने तो तप्तर है। वहीं कई लोग ऐसे हैं, जो थोड़ से लालच के कारण कोरोना की चैन को टूटने नहीं दे रहे। सरकार के वीकेंड कर्फ्यू और जन अनुशासन पखवाड़े को एक सप्ताह गुजर गया है, लेकिन कोरोना की चैन टूटने के बजाय संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब भी यदि अनुशासन का पालन नहीं किया तो हालात बद से बदतर होने में अधिक समय नहीं लगेगा। वैसे शहर के सोमवार को हालात कुछ ऐसे ही नजर आए तो कोरोना को हराने के बजाय अधिक फैलाने वाले थे।

सर्राफा, बाइसी व फतेहपुरिया बाजार
कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन शहर में सबसे अधिक शायद इसी जगह पर होता है। सर्राफा बाजार व फतेपुरिया बाजार में दुकानदार तय समय के बाद तक दुकानें खोलकर बैठे रहें। यहां तो भूजिया और मिठाई की दुकानें तक खोल दी गई। पुलिसकर्मी भी उनके पास खड़ा रहा, लेकिन तय समय बाद भी उनको बंद करने को नहीं कहा। ऐसा ही इन स्थानों पर लगी किराणे की दुकानों का हाल रहा।

आधा शटर खोला और ग्राहकी
बाइसी बाजार में आधा शटर खोलकर ग्राहकी की गई। ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों को को दुकान के भीतर लेकर समान बेचा जाता रहा। पुलिसकर्मी चौराहे पर तैनात था, लेकिन उसका डर किसी को नहीं था। जब पत्रिका के कैमरे पर नजर पड़ी तो शटर नीचे कर दिया गया। उसके बाद इंतजार किया गया कि पत्रिका टीम वहां से चली जाए। ऐसी ही स्थिति सोमनाथ सूरजपोल मार्ग पर भी रही।

समय होते ही बंद कर दिए प्रतिष्ठान
दूसरी तरह ऐसे दुकानदार भी थे, जिन्होंने तय समय होने से चार-पांच मिनट पहले ही सामान दुकान में रखा और शटर नीचे कर दिया। ये दुकानदार शटर बंद करने के बाद रुके भी नहीं और सीधे अपने घरों की तरफ बढ़ गए। ऐसा ही कर जा रहे एक दुकानदार प्रतिष्ठान खोलकर बैठे व्यापारियों से यह कहते हुए गुजरे कि कमाने को उम्र पड़ी है। जिंदा रहोंगे तो कमाई कर लेना। अभी दुकान बंद कर दो।