
ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक व दो के पास नाले का निरीक्षण करते हुए। फोटो- पत्रिका
पाली। शहर के सर्किट हाउस से दनदनाती दस से अधिक गाड़ियों में अधिकारी प्रदूषण की जांच के लिए निकले। पहला पड़ाव महावीर उद्योग नगर रहा। वहां इकाइयां चल रही थीं, चिमनियों से धुआं निकल रहा था। एक इकाई पर ताला लगा मिला। क्षेत्रवासियों ने प्रदूषण की शिकायत की, जिस पर लोग प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ से उलझ गए।
दूसरा पड़ाव ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक और दो के पास रहा, जहां नदी की ओर जाने वाले नाले में प्रदूषित पानी दिखाई दिया। इसे देखते ही सेवानिवृत्त न्यायाधीश संगीत लोढ़ा ने सीइटीपी सचिव से नाराजगी जताते हुए कहा कि कितना बेवकूफ बनाओगे, क्या यह बदबूदार प्रदूषित पानी नहीं दिख रहा है। उसी नाले के सामने फैक्ट्री के पास बने नाले में मिट्टी डालकर पानी रोकने और वहां पानी का भराव देखकर उन्होंने रीको अधिकारी को भी खरी-खरी सुनाई। इसके बाद उन्होंने आगे जाने के बजाय वापस सर्किट हाउस लौटने के निर्देश दिए। वहां पहुंचकर बंद कमरे में अधिकारियों को प्रदूषण खत्म करने के सख्त निर्देश दिए गए।
ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक और दो के पीछे बने मार्ग पर स्लज पड़ी देखकर उन्होंने पूछा कि यह किसने डाली है। इसे तुरंत हटाने और जिम्मेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सेवानिवृत्त जस्टिस लोढ़ा सर्किट हाउस में अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे, तभी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के एक अधिकारी बाहर आए। उन्होंने जेइएन सहित अन्य को निर्देश दिए कि महावीर उद्योग नगर की इकाइयों को सीज किया जाए और शहर की अवैध इकाइयों को भी बंद कराया जाए। इसके बाद शाम को नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आरओ अमित सोनी और अन्य अधिकारियों ने एमएम टेक्सटाइल, लीला और जय फिनिशिंग को सीज किया।
जिला कलक्टर एलएन मंत्री ने अधिकारियों को प्रदूषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीइटीपी अध्यक्ष अशोक लोढ़ा, सचिव एसपी चौपड़ा और कोषाध्यक्ष प्रवीण कोठारी सहित अन्य को सात दिन में प्रदूषित पानी हटाने, नियम उल्लंघन करने वाली इकाइयों की सदस्यता समाप्त करने और फैक्टरियां बंद कराने के निर्देश दिए।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश लोढ़ा ने सुबह फुलाद बांध से आने वाली नदी का निरीक्षण किया। इसके बाद वे बोमादड़ा पिकअप वियर पहुंचे, जहां नदियों के संगम के बाद बांडी नदी बनती है। वहां किसानों ने उनसे मुलाकात कर क्षेत्र के हालात बताए।
बांडी-नेहड़ा बांध क्षेत्र के किसानों ने प्रदूषित पानी बहाने पर नाराजगी जताई। वागाराम, भगाराम, पुनाराम और खीमाराम सहित अन्य ने लिखित शिकायत के साथ वीडियो भी दिखाए। महावीर उद्योग नगर की शिकायत पूर्व पार्षद मोहसीन खत्री ने की, जिस पर जस्टिस उस क्षेत्र में पहुंचे।
Published on:
23 Mar 2026 03:52 pm
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