
प्रशिक्षण शिविर में मुमुक्षु का अभिनंदन करते संत व समाजबंधु।
गुरु रूप मुनि रजत गुरु सेवा समिति की ओर से रूप रजत विहार में आयोजित स्वाध्याय प्रशिक्षण शिविर में भगवान पार्श्वनाथ का गुणगान किया गया। शिविर में देश के विभिन्न स्थलों से आए श्रावक-श्राविकाओं ने पौष दशमी भगवान के जन्म कल्याण पर एकासणा कर प्रभु का गुणगान किया। तिलोक रत्न परीक्षा बोर्ड अहमदनगर अध्यक्ष नेमीचन्द चौपड़ा के प्रयासों से आयोजित त्रिदिवसीय शिविर में 400 स्वाध्यायिओं ने एक स्वर में भगवान के नाम का स्मरण किया तो माहौल प्रभु के रंग में रंग गया।
शिविर में उप प्रवर्तक गौतम मुनि ने कहा कि तीर्थंकर के धरा पर जन्म लेते ही जीवों को शान्ति मिलती है।वैर को विराम लग जाता है। प्रभु पार्श्व के नाम स्मरण से ही संकट मिट जाते है। सागर मुनि ने कहा कि गुणों में रुचि निर्माण करें। गुरु और प्रभु वाणी से जोड़ दें।
दुख का करें सम्मान
उप प्रवर्तिनी मैना कंवर ने कहा कि दुख का सम्मान करें। सुख का दुत्कार करें। ये गुण व्यक्ति को महान बनाते है। चरित्र की मजबूती हो तो देव और देवेंद्र चरणों में नमन करते हैं। चौपड़ा ने कहा कि शिविर में आए सभी स्वाध्यायी अगली बार एक नए स्वाध्यायी को तैयार करेंगे। आपका अध्ययन जिनशासन की सेवा में काम करेगा, यही भावना है।
मुमुक्षु का किया अनुमोदन
धर्मसभा मे मुमुक्षु खुश चौपड़ा का अनुमोदन किया गया। रूप रजत विहार के सज्जनराज गोलेच्छा ने बताया कि शिविर का समापन 7 जनवरी को होगा। शिविरार्थियों की सेवा में मरुधर केशरी मित्र मंडल, वर्धमान स्थानकवासी नवयुवक मंडल, त्रिशला महिला मंडल सहयोग कर रहे है। शिविर में विनय मुनि ने मांगलिक का श्रवण कराया।
Published on:
07 Jan 2024 10:21 am
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