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अब ग्राम रक्षक करेंगे गांवों की रक्षा, अपराध रोकने में पुलिस का सहयोग

- एसपी ने किया ग्राम रक्षक योजना शुभारम्भ- गुड़ा एन्दला व सदर थाना क्षेत्र के 61 ग्रामरक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

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पाली

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Suresh Hemnani

Jul 16, 2021

अब ग्राम रक्षक करेंगे गांवों की रक्षा, अपराध रोकने में पुलिस का सहयोग

अब ग्राम रक्षक करेंगे गांवों की रक्षा, अपराध रोकने में पुलिस का सहयोग

पाली। ग्राम रक्षक अब गांवों में अपराध रोकने में पुलिस का सहयोग करेंगे व गांवों की सुरक्षा का जिम्मा उठाएंगे। पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन में पुलिस थाना सदर के 27 व गुड़ा एन्दला के 34 ग्रामीणों को ग्राम रक्षक का प्रशिक्षण दिया गया और ग्राम रक्षक योजना का शुभारम्भ किया। दोनों थाना क्षेत्रों के कुल 61 ग्रामरक्षक उपस्थित थे। प्रत्येक ग्राम रक्षक को पहचान-पत्र भी उपलब्ध करवाया जाएगा। ग्राम रक्षक संबंधित पुलिस थाना से निरन्तर सम्पर्क रखेगे। उनके गांव में घटित असामायिक व आपराधिक गतिविधियों की जानकारी देंगे।

पुलिस अधीक्षक रावत ने बताया कि गत नौ जुलाई को डीजीपी ने ग्राम रक्षक योजना का वच्र्युल शुम्भारभ किया था। पाली जिले में भी 913 ग्राम रक्षक चयनित किए गए है। उपस्थित ग्राम रक्षकों को ग्राम रक्षक पुस्तिका बैंज उपलब्ध करवाई गई है। ग्राम रक्षक योजना का प्रमुख ध्येय ’’अपने ग्राम की सुरक्षा अपने हाथ’’ है।

यह होगी जिम्मेदारी ग्राम रक्षक की
गांव में रहने वालो की जान-माल की सुरक्षा मे सजग रहना, समाज कंटक व अपराधी तत्वों की निगरानी रखना व पुलिस में निरंतर सम्पर्क करना, गांव में अजनबियों के आवागमन पर निगरानी रखना व संदेह होने पर पुलिस को अविलम्ब सूचित करना, गांव में अपराध घटित होने पर अपराधियों की तलाश में पुलिस की हर संभव सहायता करना, धार्मिक कट्टरता फैलाने वालो के बारे मे तत्काल पुलिस को सूचित करना, ग्राम में होने वाले धार्मिक उत्सव, जुलूस और मेले आदि मे कानून व्यवस्था बनाने मे पुलिस का सहयोग करना, अपराधों की रोकथान व अपराधियों पर नियंत्रण के लिए गश्त नाकाबन्दी निगरानी में पुलिस का सहयोग करना, गांव व उसके आस-पास की ऐसी समस्याओं, जिसमें कानून-व्यवस्था बिगडऩे की आशंका हो, इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को देना, गांव में बुजर्गो महिलाओ बच्चों एवं अन्य कमजोर वर्गो से निरंतर सम्पर्क करना एवं उनकी समस्याओ से स्थानीय पुलिस को समय.-समय पर अवगत कराते रहने की जिम्मेदारी होगी। साथ ही सहभागिता के माध्यम से ग्रामवासियों में आपसी सहायोग बढ़ाना, विवादित मामलों की शिकायत अथवा परिवाद प्राप्त होने पर अविलम्ब पुलिस को सूचित कर सम्बधित बीट कांस्टेबल को परिवाद उपलब्ध कराने का काम करेंगे।

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