
पाली. सरकारी विद्यालयों के शैक्षिक व भौतिक विकास के लिए अब पूर्व विद्यार्थियों को फिर से विद्यालय से जोड़ा जाएगा। इसके लिए विद्यालयों में पांच मई को विद्यालयी पूर्व विद्यार्थी मंच का गठन किया जाएगा। इसमें विद्यालय की ओर से एल्युमिनी मीट जैसे कार्यक्रम किए जाएंगे। इनके माध्यम से विद्यालय में अध्ययन कर चुके पूर्व विद्यार्थियों को अध्ययनरत विद्यार्थी जान सकेंगे। इसका एक उद्देश्य यह भी है कि विद्यालय से निकलकर उच्च पद प्राप्त करने वाले पूर्व छात्र वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें। साथ ही वर्तमान विद्यार्थियों में पूर्व छात्रों के अनुभव से समाज व अन्य क्षेत्रों में उच्च पद व प्रतिष्ठा प्राप्त करने की भावना उत्पन्न हो।
निदेशक ने बताए बैठक के विषय
विद्यालयों में 5 मई को होने वाली एसडीएमसी की साधारण सभा के लिए निदेशक ने विषय तय किए है। इनमें कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों से लिए जाने वाले विद्यालय विकास शुल्क के पुनर्निर्धारण, अभिभावकों व अन्य लोगों से स्वैच्छिक सहायता राशि विद्यालय विकास निधि के रूप में लेने, एसडीएमसी/ एसएमसी की कार्यकारिणी समिति के रिक्त पदों पर सदस्यों के मनोनयन का अनुमान, मुख्यमंत्री जन-सहभागिता विद्यालय विकास योजना के तहत जनसहयोग जुटाने, एसडीएमसी में प्राप्त सहयोग राशि को आयकर अधिनियम की धारा 80जी के तहत आयकर में छूट के लिए विद्यालय की ओर से की गई कार्रवाई आदि पर चर्चा की जाएगी।
नई पोशाक की देंगे जानकारी
इस बैठक में अभिभावकों को विद्यालय विकास योजना की गत वर्ष की क्रियान्विति व आगामी सत्र की कार्ययोजना, स्वच्छ भारत अभियान, विद्यार्थियों के नई यूनिफार्म, कक्षा छह व आठ के लिए विद्यार्थियों के लिए लागू क्लिक योजना, विद्यालय में समन्वित आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन के लिए पर्यवेक्षण तथा नामांकन के लक्ष्यों आदि के बारे में चर्चा कर जानकारी दी जाएगी।
विद्यालय को लाभ
एसडीएमसी की बैठक के साथ अध्यापक अभिभावक परिषद (पीटीएम) भी होगी। इसमें विद्यालय विकास और शैक्षणिक स्तर को लेकर चर्चा की जाएगी। मंच गठन से विद्यालय को लाभ होगा।
पन्नालाल सोनी, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, पाली
Published on:
21 Apr 2017 11:01 am
