
अगर आपने भी सावधानी नहीं रखी तो इस बीमारी की चपेट में आए जाएंगे
पाली। मारवाड़-गोडवाड़ में स्वाइन फ्लू थमने का नाम नहीं ले रहा है। पांच दिन पूर्व लुणावा निवासी गर्भवती महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी। अब चिकित्सक भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिसन विभाग के सह-आचार्य को स्वाइन फ्लू की पुष्टी हुई। चिकित्सा विभाग ने बांगड़ अस्पताल के स्टाफ व पीछे बने क्वार्टर में रहने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करवाने का निर्णय किया है। इधर, सह आचार्य का उपचार जारी है।
अस्पताल के स्टाफ को टेमी लू दी गई। मेडिसन विभाग में सह आचार्य चिकित्सक का जोधपुर आना-जाना रहता है। उनको सोमवार को बुखार की शिकायत होने पर रक्त जांच का नमूना लिया गया, बुधवार शाम इसकी रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आई। इसके बाद चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया। पीएमओ डॉ. एडी राव ने इसकी पुष्टी की है। उन्होंने सभी स्टाफ को सतर्कता बरतने की अपील की है, साथ ही गुरुवार को पूरे स्टाफ की स्क्रीनिंग की जाएगी। सह-आचार्य को उनके घर पर ही दवाइयां दी जा रही है। चिकित्सक जोधपुर में जिस जगह रहते थे, वहां भी सर्वे करवाया जाएगा।
गांवों में हालात अधिक खराब
जिले के ग्रामीण इलाकों में डेंगू व स्वाइन फ्लू का प्रकोप है। एक दिन पूर्व सेंदड़ा में डेंगू का मरीज सामने आया था, उसका उपचार अजमेर के अस्पताल में जारी है। गत बीस अक्टूबर को लुणावा गांव निवासी महिला की जोधपुर के अस्पताल में उपचार के दौरान स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। चिकित्सा विभाग का दावा है कि वह लगातार नजर रखे हुए है, लेकिन इसका प्रकोप रुक नहीं रहा है।
शहर में खाली भूखण्डों को की सफाई पर फोकस
शहर में खाली भूखण्डों में भरे पानी व बबूल उगने वाले भूखण्डों की सफाई के निर्देश दिए गए हैं। नगर परिषद व प्रशासन इस पर कार्रवाई कर रहा है। साथ ही मच्छर पैदा न हो, इसके लिए बचाव के कार्य किए जा रहे हैं। शहर के बाहरी इलाकों में अब भी मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।
स्वाइन फ्लू- सामान्य फ्लू जैसे लक्षण
हालांकि इसके लक्षण एक सामान्य फ्लू के समान हैं, लेकिन लापरवाही बरतने पर वे गंभीर हो सकते हैं। आम तौर पर बुखार, खांसी, सिरदर्द, कमजोरी व थकान, जोड़ों में दर्द, गले में खराश व नाक बहना मुख्य लक्षण है। ये लक्षण होने पर चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
आज स्क्रीनिंग करवाएंगे
सह आचार्य गत दिनों जोधपुर गए थे, अनुमान है कि वहीं पर स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए होंगे, जांच के लिए से पल जोधपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया था, जिसमें सह-आचार्य को स्वाइन फ्लू होना सामने आया है। उनका उपचार जारी है। जोधपुर व पाली में स्क्रीनिंग की जाएगी। अस्पताल स्टाफ व क्वार्टर में रहने वाले लोगों की स्क्रीनिंग आज होगी। -डॉ. एडी राव, पीएमओ, बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पाली।
Published on:
25 Oct 2018, 11:07 AM IST
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