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Teachers Day 2023: यहां आखर ज्ञान कराने के साथ स्कूल व समाज निर्माण में कई शिक्षक निभा रहे भूमिका

Teachers Day 2023: शिक्षक अब विद्यार्थियों के पथ प्रदर्शक के साथ बन रहे प्रेरणास्त्रोत।

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पाली

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Suresh Hemnani

Sep 05, 2023

Teachers

बलिया और आजमगढ़ में सबसे ज्यादा अनुपस्थित मिले शिक्षक, विभाग लेगा बड़ा एक्शन

Teachers Day 2023: संत कबीरदास का दोहा सभी ने पढ़ा है गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागू पाय, बलिहारी गुरु आपने, गोविन्द दियो बताय। जिसका अर्थ है गुरु ही वह परम आदरणीय व्यक्ति है, जो भगवान से मिला सकते हैं। इसी कारण उनके पैर भगवान से भी पहले स्पर्श करने चाहिए। यह सच भी है शिक्षक जो आज के गुरु हैं, वे आखर ज्ञान करवाकर देश का भविष्य तो संवार ही रहे हैं। उसके साथ समाज व देश के विकास के भी सजग प्रहरी हैं। कई शिक्षक स्वयं ऐसे कर्म कर पथप्रदर्शक के साथ प्रेरणा स्रोत बन जाते हैं, जिनका अनुसरण हर विद्यार्थी तो करता ही हैं, लोग भी उनके नक्शे कदम पर चलते हैं। ऐसे ही गुरु डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन रहे, जिनका जन्म दिन आज हम शिक्षक दिवस के रूप में मना रहे हैं। उनके पथ पर ही आज भी कई शिक्षक चलकर विद्यार्थियों और समाज के लिए उदाहरण बन रहे हैं। ऐसे ही कुछ शिक्षकों से हम आपको रूबरू करवा रहे हैं, जो शिक्षण के साथ अन्य कार्य कर नई इबारत लिख रहे हैं।

प्रिंसिपल कक्ष से ही होता सूचना का आदान-प्रदान
पाली शहर का सबसे बड़ा बालिका विद्यालय बालिया स्कूल। इसमें कबाड़ में पड़ी सामग्री से शिक्षक ने खुद ही लाइब्रेरी का निर्माण कर दिया। उन्होंने खुद ही पूरा फर्नीचर बनाया और लोहे की अलमारियां तैयार कर रंगरोगन किया। स्कूल के प्रिंसिपल कक्ष से सूचनाओं का आदान प्रदान करने के लिए विद्यालय के बरामदों में छह स्पीकर लगा दिए गए है। वहां से प्रिंसिपल हर तरह की सूचना बिना कक्ष से बाहर आए कर सकती हैं। स्कूल में ऑटोबेल लगाई गई है। जो कालांश समाप्त होते ही अपने आप बजती है। इसके साथ ही प्रार्थना सभा के लिए बालिकाओं को बुलाने के बजाय ऑटो सिस्टम विकसित किया गया है। उसमें प्रार्थना के पांच मिनट पहले ईश वंदना शुरू हो जाती और बालिकाएं व अध्यापक प्रार्थना स्थल पर पहुंच जाते है। लंच होने पर भी इसी सिस्टम पर भोजन मंत्र बजता है। स्कूल में व्यावसायिक शिक्षा के तहत चलने वाले ब्यूटी लेब को भी आधुनिक रूप दे दिया गया है।

हरियाली से कर दिया आच्छादित
जैतारण क्षेत्र में एक शिक्षक ने एक फाउंडेशन को जोड़कर क्षेत्र को हरियाली से आच्छादित कर दिया। जैतारण क्षेत्र के स्कूलों, धार्मिक स्थलों, मुक्ति धाम व बगीचों को गुलजार करने के लिए शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरजीतसिंह राठौड़ ने युतिका फाउंडेशन के सहयोग से इस कार्य को अंजाम दिया।वे बताते है कि फाउंडेशन के सहयोग से क्षेत्र के स्कूलों, मुक्ति धाम व धार्मिक स्थलों पर 12 हजार 500 पौधे दो साल पहले लगाए। उनकी सार-संभाल की जिम्मेदारी स्वयं लेने के साथ ग्रामीणों व शिक्षकों को दी। पौधों का दो साल तक पूरा ख्याल रखा। आज 80 प्रतिशत से अधिक पौधे पेड़ में बदल चुके हैं।

शिक्षण के साथ बदल दिया खेल व भवन का स्तर
जैतपुरा गांव का राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, जो वर्ष 2018 से पहले जर्जर हालत में पहुंच गया था। वहां बैठने को कक्षा-कक्ष नहीं थे। खेल मैदान नहीं था। स्कूल की चार दीवारी नहीं थी। उस स्कूल में वर्ष 2018 में प्रधानाध्यापक के रूप में पहुंचे करणीदान चारण। स्कूल के हालात देखकर उन्हें दुख हुआ तो उसे सुधारने की ठान ली। स्कूल परिसर को बड़ा करने व कक्ष बनवाने के लिए प्रयास शुरू किए। स्कूल के पास बने एक चबूतरे को ग्रामीणों से बात कर स्कूल परिसर में लिया और विधायक व प्रधान से आग्रह कर दो कक्ष बनवाए। पंचायत का सहयोग लेकर चारदीवारी का निर्माण कराया। शौचालय ठीक करवाए। आज पूरा स्कूल परिसर आधुनिक स्कूलों जैसा हो चुका है। गांव छोटा होने के बावजूद नामांकन 108 है। वर्ष 2021-22 में स्कूल के जूड़ो की टीम जिला स्तर पर विजेता बनी। स्कूल के सात खिलाड़ी राज्य स्तर पर खेले। वर्ष 2022-23 में स्कूल ने पहली बार चार खेलों के साथ जिला स्तरीय प्रतियोगिता करवाई। स्कूल के 17 खिलाड़ी राज्य स्तर पर चयनित हुए। इस बार स्कूल पांच मैचों की मेजबानी कर रही है।

बालिया स्कूल में बनवा रहे स्मार्ट कक्ष
प्रिंसिपल सुनिता जोनवाल ने बताया कि स्कूल में अभी तीन स्मार्ट कक्ष तैयार करवा रहे हैं। इन्टरएक्टिव बोर्ड शुरू करवा रहे हैं। इनके माध्यम से शिक्षा विभाग के पूरे पाठ्यक्रम को बिना शिक्षक के लिए पढ़ाने की सुविधा भी विद्यार्थियों को मिल सकेगी। स्कूल में भामाशाहों के सहयोग से कक्षा कक्षों व भवन को ठीक कराने का कार्य भी करवाया गया है।

यह भी खास
● स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है।
● स्कूल में इन्वर्टन की सुविधा है।
● विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर है।
● स्कूल का प्रवेश द्वार आकर्षक है।
● विद्यार्थी टाई, बेल्ट व आइकार्ड पहनकर आते हैं।

यह रही उपलिब्धयां
● भारत सरकार के स्वच्छ विद्यालय के तहत जैतपुरा स्कूल जिले में पहले स्थान पर रहा।
● यूनिसेफ की ओर से चयनित 15 स्कूलों में जैतपुरा स्कूल भी था।
● जिला कलक्टर के नवाचार स्वच्छ विद्यालय, स्वस्थ विद्यालय में स्कूल प्रथम रहा।
● वेस्ट टू बेस्ट में स्कूल ब्लॉक स्तर पर तीसरे नम्बर पर आया।