
Rajiv Gandhi Rural and Urban Olympics: चौका लगा तो बॉल गुम, मिट्टी के धोरों पर फिल्डिंग
प्रदेश में राजीव गांधी ग्रामीण व शहरी ओलम्पिक का ढोल बजाया गया। वहां व्यवस्थाओं के नाम पर कुछ नहीं किया गया है। हालात यह है कि कलक्ट्रेट से सटे स्थानों पर भी खिलाड़ी मैदानाें में लगे मिट्टी व कंकरीट के धोरों और झाडि़यों के बीच बॉल खोज रहे। उन पर दौड़कर फिल्डिंग करने को मजबूर है। मैदानों में बरसात के दौरान उगी घास भी नहीं हटाई गई। ऐसे में खिलाड़ी बाल पकड़ने के बजाय गिरने से बचने का जतन अधिक कर रहे हैं।
पाली शहर के बांगड़ स्कूल मैदान में रविवार को खस्ताहाल मैदान में ही टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता के मैच करवाए गए। इस मैदान में कई जगह पर लम्बी-लम्बी घास उगी है। वहीं एक तरफ झाडि़यां उगी होने के साथ मिट्टी व मलबे के ढेर लगे है। उन खड़े होकर ही खिलाडि़याें ने फिल्डिंग की। एक मैच की पहली की गेंद पर बॉल झाडि़यों में चली गई। इस पर एक खिलाड़ी बॉल झाडि़यों में गया, लेकिन नहीं मिली तो दूसरी बॉल दी गई। हालांकि बाद में वह बॉल भी मिली।
सूर्य देव के नहीं हुए दर्शन
वहां स्कोकरर बार-बार यह कहता रहा कि बादलों की मेहरबानी है कि सूर्य के दर्शन दो-तीन बार ही हुए है। नहीं तो गर्मी में खिलाडि़याें को परेशानी होती। मैदान में बने शौचालय भी टूटे हुए है। इस कारण खिलाडि़याें को परेशानी हुई। वहीं पानी पीने के लिए भी बांगड़ स्कूल परिसर में जाना पड़ रहा था। मैदानाें में हालात यह है कि खिलाडि़यों को किसी तरह की सुविधाएं नहीं मिल रही है। इससे खिलाडि़याें में रोष है।
Published on:
07 Aug 2023 10:10 am
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