
पाली. सोशल मीडिया वाटस एप पर एक चर्चित टीवी सीरियल के नाम पर लोगों से ठगी करने के बहुचर्चित मामले में पाली के दो युवक भी शिकार हुए हैं। इन युवकों की जागरूकता के चलते इनसे किसी प्रकार की राशि नहीं ठगी जा सकी। साइबर एक्सपर्ट ने पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट इंटेलीजेंस को दी है। जांच में पाकिस्तान में बैठे ठगों के आंतकी फंडिंग करने के साक्ष्य मिले। इधर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में टेरर फंडिंग करने वालों पर हुई संयुक्त कार्रवाई के लिंक भी इस ठगी से जोड़ कर देखे जा रहे हैं।
साइबर एक्सपर्ट नीलेश पुरोहित ने बताया कि पाली के दो लोगों से वाटस एप पर ठगी करने का प्रयास किया गया। उनसे राशि मांगी गई। लेकिन उन्होंने सजगता दिखाते हुए यह राशि जमा नहीं करवाई। इसके बाद इस मामले की जांच की गई तो बैंक खाते यूपी के प्रतापगढ़ क्षेत्र के और जिन नम्बर से फोन आया था वह पाकिस्तान का होना सामने आया। मामले की पूरी जांच रिपोर्ट इंटेलीजेंस को दी गई। अब जब टेरर फंडिंग की आशंका में राशि जब्त हुई और कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई तो ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि पाली में जो ठगी का प्रयास किया गया था वह भी इसी गिरोह का हो सकता है।
ऐसे की ठगी
वाट्स एप पर संदेश आया कि एक चर्चित टीवी सीरियल से 25 लाख का ईनाम मिला है। इसके लिए 12 हजार 500 रुपए की राशि जमा करवानी होगी। इस मामले में साइबर एक्सपर्ट पुरोहित ने जांच की। उन्होंने पाया कि जिन बैंक खाता नम्बर पर राशि मांगी गई है वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के हैं। जिन नम्बरों से ऑनलाइन कॉल आई थी वह भी पाकिस्तान के ट्रेस हुए।
यूपी में पकड़ी टेरर फंडिंग की राशि
पाली के साइबर एक्सपर्ट ने जो रिपोर्ट इंटेलीजेंस को दी उसमें यूपी के उन क्षेत्रों का जिक्र है जहां एटीएस ने टेरर फंडिंग के शक में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। ऐसे में एक बार फिर साइबर एक्सपर्ट ने पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले आतंकी संगठन को इसी ठगी से टेरर फंडिंग के सोर्स दिए हैं।
Published on:
26 Mar 2018 11:45 am
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