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काश्तकारो के साथ व्यापारियों को एेसे मिलेगा लखपति बनने का मौका, करना होगा ये काम….

-कृषकों व व्यापारियों में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने की कवायद, कृषि विपणन बोर्ड ने काश्तकारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से शुरू की ई-भुगतान योजना  

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काश्तकारो के साथ व्यापारियों को एेसे मिलेगा लखपति बनने का मौका, करना होगा ये काम....

पाली. प्रदेश की कृषि मंडियों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की कवायद शुरू हो गई है। कृषि विपणन बोर्ड इसके लिए ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना लाया है। इस योजना में डिजिटल लेन-देन करने पर ना केवल जिंस बेचने के लिए आ रहे काश्तकारों, बल्कि व्यापारियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। कृषकों में ई-ट्रेडिंग व ई-भुगतान को प्रेरित करने व कृषकों को उनकी उपज का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने के उद्देश्य से ई भुगतान प्रोत्साहन योजना में प्रावधान किए गए हैं। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो अपनी फसल का बेचान मंडी समितियों में इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म (ई नाम/रिम्स-ऑनलाइन पोर्टल) के माध्यम से करेंगे।

ऐसे मिलेगा लाभ

व्यापारियों की ओर से कृषकों को उनकी कृषि जिन्स के ई प्लेटफार्म के माध्यम से बेचान के बाद जारी ई विक्रय पर्ची के आधार पर निर्धारित मंडी शुल्क का 25 प्रतिशत भाग कृषकों को दिया जाएगा। यह राशि ई भुगतान प्राप्त करने वाले कृषक के उसी बैंक खाते में जमा कराई जाएगी। जिससे ई भुगतान प्राप्त किया गया है। खाते में जमा कराई गई राशि का प्रमाणित विवरण प्रतिमाह मंडी समिति कार्यालय में यूजर चार्ज या मंडी शुल्क विवरण पत्र के साथ प्रस्तुत करना होगा। अनुज्ञापत्रधारी व्यापारियों द्वारा कृषकों को किए गए डिजिटल पेमेन्ट पर बैंक या अन्य एजेन्सी द्वारा लिए गए प्रभार शुल्क का 100 प्रतिशत पुनर्भरण मंडी समिति द्वारा संबंधित व्यापारी को किया जाएगा। कृषि विपणन बोर्ड यह राशि मंडी विकास निधि से वहन करेगा। व्यापारी के प्रत्येक ई भुगतान को एक इकाई माना जाएगा।

एक लाख तक का पुरस्कार

योजना के तहत कृषक व व्यापारियों को मंडी स्तर से लेकर राज्य स्तर तक सम्मानित किया जाएगा। इसमें एक लाख तक का पुरस्कार मिल सकेगा। ई पोर्टल के माध्यम से हुए व्यापार पर जारी ई विक्रय पर्चियों के क्रमांक के आधार पर पुरस्कार दिए जाएंगे। मंडी स्तर पर पहले व दूसरे स्थान पर रहने वाले कृषक-व्यापारियों को 30 व 15 हजार रुपए का नगद पुरस्कार मिलेगा। खण्ड स्तर पर प्रथम व्यापारी-कृषक को 50 हजार तथा द्वितीय को 25 हजार से पुरस्कृत किया जाएगा। राज्य स्तर पर प्रथम को एक लाख का पुरस्कार मिलेगा। द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50-50 हजार रुपए कृषक व व्यापारी को मिलेंगे।

कर रहे जागरूक

कृषकों व व्यापारियों को ऑनलाइन बेचान-खरीद करने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से यह योजना शुरू हुई है। इसमें डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य भी है। इसके लिए काश्तकारों व व्यापारियों को जागरूक कर रहे हैं। योजना में काश्तकारों के साथ व्यापारियों को भी पुरस्कृत किया जा सकेगा।

-भागीरथ प्रजापत, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति पाली

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