
ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर ऐसा हुआ...
पाली/ सुमेरपुर। जवाई जल वितरण वितरण कमेटी की बैठक जवाई डाक बंगला में रखने और सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी की मांग को लेकर पांच दिनों से चल रहा किसानों का आंदोलन शुक्रवार को उग्र हो गया। दोपहर में किसानों ने साण्डेराव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-62 को जाम कर दिया। जाम के कारण हाइवे पर दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतारें लग गई। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग से वाहनों को रवाना किया, लेकिन वैकल्पिक मार्ग को भी ग्रामीणों ने अवरुद्ध कर दिया। जवाई जल वितरण कमेटी की बैठक जवाई डाक बंगला में आयोजित करने व किसानों को रबी फसल के लिए पर्याप्त पानी की मांग को लेकर गत रविवार से सुमेरपुर कृषि मंडी में महापड़ाव शुरू हुआ था। दो दिन तक मंडी और दो दिन तक जवाईबांध गेट व डाक बंगला परिसर में किसान जमे रहे। प्रशासन की ओर से वार्ता नहीं करने से नाराज होकर हाइवे जाम का कार्यक्रम तय किया। इसी बीच गुरुवार शाम उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में जिला स्तरीय अधिकारियों व किसान प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने पर शुक्रवार दोपहर किसान ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर साण्डेराव के पास फोरलेन पर पहुंच गए।
बिना वार्ता लौटे एडीएम
इस बीच जिला कलक्टर के निर्देश पर आंदोलन स्थल पर पहुंचे अतिरिक्त जिला कलक्टर चन्द्रभानसिंह भाटी को भी एक बार बिना वार्ता किए लौटना पड़ा। आन्दोलन में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंची। देर शाम तक हाइवे का जाम नहीं खुल पाया। उधर, किसान संघर्ष समिति सुमेरपुर-आहोर के अध्यक्ष जयेन्द्रसिंह गलथनी ने कहा कि जब तक प्रशासन हमारी मांगें नहीं मानेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
यह मामला
पानी के बंटवारे को लेकर गत 10 अक्टूबर को पाली जिला मुख्यालय पर बैठक हुई थी। किसानों की मांग है यह बैठक सुमेरपुर में जवाई बांध के डाक बंगले में होनी चाहिए थी। इसलिए अब प्रशासन सुमेरपुर में रिव्यू बैठक करें। इसके अलावा जवाई बांध में अभी उपलब्ध 7010 एमसीएफटी पानी में से 4010 एमसीएफटी पानी सिंचाई और 3000 एमसीएफटी पानी पेयजल के लिए आरक्षित करने का निर्णय किया था। किसान 4300 एमसीएफटी की मांग कर रहे हैं।
शहर के लोग पेयजल कम बता रहे हैं
वहीं दूसरी ओर पाली शहर के लोग पेयजल के लिए अपर्याप्त पानी बता रहे हैं। कई जनप्रतिनिधियों ने संभागीय आयुक्त को पत्र भेजकर कहा है कि यह समस्या केवल सुमेरपुर की नहीं है। इसलिए जिला मुख्यालय पर बैठक बुलाया जाना उचित था। प्रशासन पेयजल के बारे में भी सोचे।
Published on:
14 Oct 2022 08:25 pm
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