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ये प्यास है बड़ी, राजस्थान विधानसभा में गूंजा मुद्दा

विधानसभा में भाजपा सदस्य ज्ञानचंद पारख बोले, पेयजल योजना तो बनाई, लेकिन पर्याप्त पानी का प्रबंधन नहीं है। जवाई पुनर्भरण योजना की चर्चा लंबे समय से चल रही है। उसकी डीपीआर भी बन गई है। अगर वह योजना जल्दी स्वीकृत होकर धरातल पर आएगी तो सिंचाई के लिए भी पानी मिल जाएगा।

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पाली. पाली शहर में पेयजल की समस्या और सीवरेज बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं करने का मुद्दा गुरुवार को विधानसभा में गूंजा। विधायक ज्ञानचंद पारख ने शून्यकाल में मुद्दा उठाते हुए कहा कि पाली में पेयजल संकट है। पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण दिक्कत हो रही है। पाली में सातों दिन 24 घंटे पेयजल योजना को लेकर भाजपा सदस्य ने कहा, इसमें करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं। नई पाइप लाइन बिछी है, नए फिल्टर हाउस बने हैं और नए एसआर बने हैं। इसके लिए पानी का प्रावधान तो किया ही नहीं है। पाली के लिए एकमात्र अगर कोई जल स्रोत है तो वह जवाई बांध है। इस बार जवाई बांध पूरा भरा भी है, लेकिन किसानों की आस रहती है कि जवाई बांध में पानी आए तो उन्हें ज्यादा मिले, कोई दिक्कत नहीं है किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलना चाहिए। इसके साथ ही जिस योजना के लिए सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च किए हैं उसके लिए भी पर्याप्त पानी रहना चाहिए। ज्ञानचंद पारख ने कहा, जवाई पुनर्भरण योजना की चर्चा लंबे समय से चल रही है। उसकी डीपीआर भी बन गई है। अगर वह योजना जल्दी स्वीकृत होकर धरातल पर आएगी तो सिंचाई के लिए भी पानी मिल जाएगा। भाजपा सदस्य ने कहा, वहीं आरयूआईडीपी की योजना का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है, लेकिन अभी कुछ हिस्सों में सड़कों का पुनर्निर्माण होना बाकी है। उन्होंने कहा, यह कार्य आरयूआईडीपी को करना है। अब संकट आ गया है कि आरयूआईडीपी की पूरी राशि खर्च हो गई और जो संबंधित कंपनी है वह कहती है कि ये सड़कें नगर परिषद बनाएगी। वहीं नगर परिषद कहती है कि सड़कें आरयूआईडीपी ने तोड़ी है और वापस उसको ही बनानी है। इन दोनों के झगड़ों के बीच में यह है कि लंबे समय से सड़कें टूटी हुई हैं। इनको ठीक करने वाला कोई नहीं है, जब तक सरकार आरयूआईडीपी को अतिरिक्त राशि नहीं देगी तब तक यह काम पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा, मंत्री से आग्रह है कि जो राशि इन सड़कों को चाहिए मेहरबानी करके मंजूर कर दें, ताकि उनका पुनर्निर्माण किया जा सके।