
बांध के घटते पानी में फूट रहे मगरमच्छों के अंडे, 450 मगरमच्छ व जलीय जीवों पर संकट
पाली/बिसलपुर। जवाई बांध अब जवाब देने लगा है। इसमें नाम मात्र का पानी बचा है। बीस साल बाद डेड स्टोरेज के सैकण्ड स्तर की पम्पिंग शुरू कर दी गई। जवाई में शेष पानी को पेयजल आपूर्ति के लिए पंपिंग कर प्लेट फॉर्म नम्बर एक से पाइप लाइन के जरिए फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जा रहा हैं। लेकिन अब इस स्थान पर पानी के रीत जाने से कम मात्रा में पानी पाइप लाइन में सप्लाई हो रहा हैं।
जानकारी के अनुसार मंडराते जल संकट के मद्देनजर विभागीय स्तर पर काम शुरू हो गया है। प्लेट फार्म नंबर एक से प्लेट फार्म नंबर दो तक नए बिजली पोल खड़े कर कनेक्शन शुरू कर दिया गया हैं। प्लेट फार्म नंबर दो पर पंपिंग स्टेशन पर विद्युत मोटर रिपेयर कर एक दो दिन में यहां से पाइप लाइन से पानी आपूर्ति शुरू कर दिया जाएगा। यहां पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने से पाइप लाइन पूरी वेग से आपूर्ति होगी। अब जवाई में तीन फीट से भी कम मात्रा में पानी बचा हैं।
450 मगरमच्छ व जलीय जीव पर संकट
वहीं दूसरी ओर जवाई में अभी डेड स्टोरेज का पानी निरंतर निकाला जा रहा हैं। जिसमें करीब 450 मगरमच्छ व सैकड़ों की संख्या में जलीय जीव जंतु व मछलियां मौजूद हैं, जिन्हें बचाना चुनौती बन गया है। इन पर संकट छा गया है। पानी के अभाव में बांध क्षेत्र में प्रजनन के दौरान मादा मगरमच्छों ने अंडे दे रखे हैं, वे भी अब फूट रहे हैं।
पर्यटकों की संख्या हुई कम
जवाई बांध के घटने जलस्तर को देखते हुए पर्यटकाें की संख्या भी कम हो गई है। वहीं बांध में पानी नहीं होने से किसान खेती कर रहे हैं।
Published on:
10 May 2022 03:59 pm
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