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तूफान तो थम गया, बर्बादी के निशान छोड़ गया

- शहर सहित जिले में कई जगह हुआ नुकसान- शहर व नाडोल में बड़ी संख्या में तोते मरे

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Avinash Kewaliya

May 23, 2017

पाली. जिले में रविवार रात तेज हवा के साथ हुई तूफानी बरसात का दौर तो कहीं बीस-पच्चीस मिनट व कहीं एक घंटे बाद थम गया। लेकिन, बर्बादी के निशान छोड़ गया, जो सोमवार को नजर आए। शहर के लाखोटिया उद्यान व नाडोल के तालाब के पास बड़ी संख्या में तोते मर गए। वहीं कई जगह पेड़ गिर गए तो कई जगह पर हॉर्डिंग उड़ गए। इधर, जिले का बिजली तंत्र तो पूरी तरफ से लड़खड़ा गया। उसे ठीक करने में डिस्कॉम कार्मिक तूफान थमने के बाद से सोमवार शाम तक जुटे रहे।

जिले में औसत 2 घंटे 10 मिनट बंद रही बिजली

जिले में बरसात व अंधड़ के कारण औसत 2.10 घंटे तक बिजली बंद रही। सबसे लम्बे समय तक आनन्दपुर कालू क्षेत्र में 13 घंटे तक बिजली गुल रही। इसके अलावा रोहट के जैतपुर में 9 घंटे, टैगोर नगर फिडर से जुड़े क्षेत्रों में 8.30 घंटे, राणावास गांव में 8 घंटे व बल्लूपुर में 3 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। डिस्कॉम की जेईएन दीप्ति ने बताया कि देसूरी में चार ट्रांसफॉर्मर, 35 आठ मीटर के पोल गिरे। इसी तरह सुमेरपुर क्षेत्र में 5 ट्रांसफॉर्मर तथा 20 पोल आठ मीटर के व 15 नौ मीटर के, बाली क्षेत्र में 5 ट्रांसफॉर्मर व 55 आठ मीटर के पोल गिर गए।

फल व ज्वार की फसल खराब

जिले में जिन किसानों ने फलों के बागान लगा रखे थे। उनमें काफी नुकसान हुआ है। कृषि विज्ञान केन्द्र अध्यक्ष धीरजसिंह ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान अनार के बगीचों में हुआ है। इस वक्त अनार के फूल आए हुए थे। वह गिर गए है। इधर, ज्वार की फसल भी तिरछी गिर गई। जबकि जिन खेतों में अभी कोई फसल नहीं बोई गई है। उन किसानों को अगली फसल की बुवाई करने पर इस बरसात से लाभ होगा।

लील गया पक्षियों की जान

तूफानी बरसात व अंधड़ शहर व नाडोल में कई पक्षियों की जान ली गया। लाखोटिया उद्यान में पेड़ों की टहनियां व पेड़ टूटने के कारण 100 से अधिक तोते मर गए। बागवान ललित ने बताया कि सुबह उद्यान पहुंचने पर तोते मरे हुए मिले। कुछ तोते जमीन पर तो कुछ पानी में घायल पड़े थे। इस पर घायल तोतों को सुरक्षित स्थान पर बैठाकर उनका उपचार कराया। इसी तरह नाडोल के गंवाई तालाब के पास 500 तोते मर गए, जबकि इतने ही तोते घायल हो गए।

पाली में दो इंच बारिश

जिले में सबसे अधिक बरसात पाली क्षेत्र में 54 एमएम दर्ज की गई। जैतारण में 29 एमएम, देसूरी में 27 एमएम,स्ह्लशह्म्4 ष्टशस्रद्ग : ष्ट-20-क्करु0022-262860

शहर व नाडोल में बड़ी संख्या में तोते मरे

पाली. जिले में रविवार रात तेज हवा के साथ हुई तूफानी बरसात का दौर तो कहीं बीस-पच्चीस मिनट व कहीं एक घंटे बाद थम गया। लेकिन, बर्बादी के निशान छोड़ गया, जो सोमवार को नजर आए। शहर के लाखोटिया उद्यान व नाडोल के तालाब के पास बड़ी संख्या में तोते मर गए। वहीं कई जगह पेड़ गिर गए तो कई जगह पर हॉर्डिंग उड़ गए। इधर, जिले का बिजली तंत्र तो पूरी तरफ से लड़खड़ा गया। उसे ठीक करने में डिस्कॉम कार्मिक तूफान थमने के बाद से सोमवार शाम तक जुटे रहे।

जिले में औसत 2 घंटे 10 मिनट बंद रही बिजली

जिले में बरसात व अंधड़ के कारण औसत 2.10 घंटे तक बिजली बंद रही। सबसे लम्बे समय तक आनन्दपुर कालू क्षेत्र में 13 घंटे तक बिजली गुल रही। इसके अलावा रोहट के जैतपुर में 9 घंटे, टैगोर नगर फिडर से जुड़े क्षेत्रों में 8.30 घंटे, राणावास गांव में 8 घंटे व बल्लूपुर में 3 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। डिस्कॉम की जेईएन दीप्ति ने बताया कि देसूरी में चार ट्रांसफॉर्मर, 35 आठ मीटर के पोल गिरे। इसी तरह सुमेरपुर क्षेत्र में 5 ट्रांसफॉर्मर तथा 20 पोल आठ मीटर के व 15 नौ मीटर के, बाली क्षेत्र में 5 ट्रांसफॉर्मर व 55 आठ मीटर के पोल गिर गए।

फल व ज्वार की फसल खराब

जिले में जिन किसानों ने फलों के बागान लगा रखे थे। उनमें काफी नुकसान हुआ है। कृषि विज्ञान केन्द्र अध्यक्ष धीरजसिंह ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान अनार के बगीचों में हुआ है। इस वक्त अनार के फूल आए हुए थे। वह गिर गए है। इधर, ज्वार की फसल भी तिरछी गिर गई। जबकि जिन खेतों में अभी कोई फसल नहीं बोई गई है। उन किसानों को अगली फसल की बुवाई करने पर इस बरसात से लाभ होगा।

लील गया पक्षियों की जान

तूफानी बरसात व अंधड़ शहर व नाडोल में कई पक्षियों की जान ली गया। लाखोटिया उद्यान में पेड़ों की टहनियां व पेड़ टूटने के कारण 100 से अधिक तोते मर गए। बागवान ललित ने बताया कि सुबह उद्यान पहुंचने पर तोते मरे हुए मिले। कुछ तोते जमीन पर तो कुछ पानी में घायल पड़े थे। इस पर घायल तोतों को सुरक्षित स्थान पर बैठाकर उनका उपचार कराया। इसी तरह नाडोल के गंवाई तालाब के पास 500 तोते मर गए, जबकि इतने ही तोते घायल हो गए।

पाली में दो इंच बारिश

जिले में सबसे अधिक बरसात पाली क्षेत्र में 54 एमएम दर्ज की गई। जैतारण में 29 एमएम, देसूरी में 27 एमएम, रायपुर में 45 एमएम, बाली में 19 एमएम, रानी में दो एमएम, सोजत में तीन एमएम, सुमेरपुर में 22 एमएम, रोहट में 40 एमएम व मारवाड़ जंक्शन में 27 एमएम बरसात हुई।

डिस्कॉम को खासा नुकसान

- 164 बिजली के खम्भे गिरे पूरे जिले में

- 139 बिजली के खम्भे गिरे 8 मीटर के

- 25 बिजली के खम्भे गिरे 9 मीटर के

- 14 ट्रांसफॉर्मर गिरे पूरे जिले में

- रायपुर में 45 एमएम, बाली में 19 एमएम, रानी में दो एमएम, सोजत में तीन एमएम, सुमेरपुर में 22 एमएम, रोहट में 40 एमएम व मारवाड़ जंक्शन में 27 एमएम बरसात हुई।

डिस्कॉम को खासा नुकसान

- 164 बिजली के खम्भे गिरे पूरे जिले में

- 139 बिजली के खम्भे गिरे 8 मीटर के

- 25 बिजली के खम्भे गिरे 9 मीटर के

- 14 ट्रांसफॉर्मर गिरे पूरे जिले में