
दुनिया की नामचीन कंपनी संभाल सकती पाली के ट्रीटमेंट प्लांट का जिम्मा
पाली। सीइटीपी में जेडएलडी लगाने की मुहिम आखिरकार सफलता के काफी निकट पहुंच गई है। कपड़ा इकाइयों [ textile industry ] का रंगीन पानी ट्रीट करने का काम दुनिया की नामचीन कंपनी संभाल सकती है। सीइटीपी को जेडएलडी में क्रमोन्नत करने के लिए वित्तीय निविदा खोली गई, जिसमें सौराष्ट्रा एनवायरो प्रोजेक्ट की दरें सबसे कम पाई गईं। ऐसे में संभवत: जेडएलडी का जिम्मा इसी कंपनी को दिया जा सकता है। हालांकि, मंगलवार को कंपनी की नेट असेसमेंट वेल्यू के बाद अंतिम मोहर लगाई जाएगी। सौराष्ट्रा कंपनी का 70 फीसदी शेयर वाटर ट्रीटमेंट में दुनिया की अव्वल कंपनी वाइवालियो के पास है।
सीइटीपी सभागार में सोमवार शाम सीइटीपी अध्यक्ष अनिल गुलेच्छा की अगुवाई में वित्तीय बिड्स खोलने की प्रक्रिया विधिवत रूप से शुरू हुई। तीनों कंपनियों के टेंडर लिफाफे खोले गए, जिसमें सबसे कम दरें सौराष्ट्रा प्रोजेक्ट की पाईं गई। जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक रज्जाक अली और रीको के महाप्रबंधक पीके गुप्ता की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान सचिव अरुण जैन समेत कई उद्यमी भी मौजूद रहे।
673 करोड़ की दर सबसे कम
जेडएलडी के लिए तीन कंपनियों ने टेंडर में रुचि दिखाई थी। तकनीकी निविदा में सफल रहने के बाद वित्तीय निविदा खोली गई, जिसमें सौराष्ट्रा प्रोजेक्ट ने 673 करोड़, अरविंद एनविसाल ने 907 करोड़ और त्रिवेणी ने 673 करोड़ रुपए की राशि दर्शायी। इनमें सबसे कम राशि सौराष्ट्रा प्रोजेक्ट की 738 करोड़ रुपए रही। अब कंपनी से दरों का तुलनात्मक अध्ययन करने के बाद कंपनी से अमानत राशि और अनुबंध किया जाएगा।
अंकलेश्वर में चलते हैं इसी कंपनी के प्लांट
इसी कंपनी के प्लांट अंकलेश्वर में भी संचालित है। यहां के उद्यमी अंकलेश्वर स्थित कंपनी के प्लांटों का दौरा भी कर चुके हैं। सीइटीपी अध्यक्ष अनिल गुलेच्छा ने बताया कि कंपनी का नेट असेसमेंट वेल्यू करने के बाद अंतिम फैसला किया जाएगा।
Published on:
28 Jan 2020 05:38 pm
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