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VIDEO : कपड़ा नगरी के 2035 का मास्टर प्लान : छाएगी हरियाली, बनेंगे पर्यावरण मैत्री आवास

-अभी तैयार है दो जोन की योजना-जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने प्लान पर किया मंथन, मांगी आपत्तियां

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पाली

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Suresh Hemnani

Oct 23, 2021

VIDEO : कपड़ा नगरी के 2035 का मास्टर प्लान : छाएगी हरियाली, बनेंगे पर्यावरण मैत्री आवास

VIDEO : कपड़ा नगरी के 2035 का मास्टर प्लान : छाएगी हरियाली, बनेंगे पर्यावरण मैत्री आवास

पाली। पाली शहर को आधुनिक व सुव्यवस्थित शहर के रूप में बदलने के लिए यूआइटी की ओर से वर्ष 2035 तक का मास्टर व जोनल डवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है। इसमें पाली में हर तरफ हरियाली छाने के साथ पर्यावरण मैत्री आवास बनेंगे। पाली में छोटी व मध्यम स्तर की हरित औद्योगिक इकाइयों को स्थान मिलेगा। जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ कपड़े के साथ पाली की नई औद्योगिक पहचान भी सामने आएगी। यह प्लान शहर की जनसंख्या 5 लाख होने को लेकर तैयार किया गया है। जिसे देखकर शहरवासी अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकते है। जिससे प्लान की कमियों व त्रुटियों को सुधार कर विकास की ओर से कदम बढ़ाया जा सके।

यह है प्लान में शामिल
-प्लान के तहत मिक्सड लेड यूज के तहत 24 किमी में किया जाएगा। शहर में अधिक चौड़ाई की सडक़ों का निर्माण कराया जाएगा।
-हाइवे व बाइपास पर हाइवे कंट्रोल डवलपमेंट जोन दिया जाएगा।
-शहर के जोन तीन में स्मॉल व मीडियम स्तर की हरित औद्योगिक इकाइयों को अनुज्ञ किया गया है।
-शहर के जलाशयों, तालाबों व नदी (खारड़ा बांध, हेमावास बांध व बांडी नदी क्षेत्र) के संरक्षण के लिए बफर जोन के तहत पौधरोपण पट्टी बनाई जाएगी। इस क्षेत्र में पर्यावरण मैत्री आवास, फार्म हाउस व पर्यटन इकाइयों का प्रावधान किया गया है। पार्क भी बनाए जाएंगे। बांडी नदी के दोनों तरफ पौधरोपण पट्टी विकसित की जाएगी।
-नगरीय क्षेत्र की अधिसूचित 63 हजार हैक्टेयर भूमि में से पांच लाख की जनसंख्या को देखते हुए करीब 22 हजार हैक्टेयर भूमि नगरीय योग्य क्षेत्र में प्रस्तावित है।
-मास्टर प्लान में नियोजन के प्रावधानों के तहत आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक, अद्र्ध सार्वजनिक आमोद-प्रमोद परिसंचरण को विकसित करना प्रस्तावित है।

यूआइटी ने पेश किया जोन प्रथम व तृतीय का प्रारूप
पाली। नगर सुधार न्यास यूआईटी की ओर से शहर की नियोजित बसावट के लिए वर्ष 2035 तक के मास्टर प्लान के तहत शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में मास्टर प्लान व जोनल डवलपमेंट प्लान के लिए 30 दिन में आमजन से सुझाव मांगे गए। पाली जिले के लिए पांच जोनल डवलपमेंट प्लान बनाए गए है। इनमें से जोन प्रथम व तृतीय के प्रारूप को बैठक में पेश किया गया। इस प्लान में पाली नगरीय क्षेत्र में 38 गांव शामिल है। शहर के लिए सर्व प्रथम 1977 तथा उसके बाद 2004 में मास्टर प्लान बनाया गया था। जिला कलक्टर अंशदीप ने बताया कि प्लान में नियोजित तरीके से शहर की बसावट की जा सकेगी। इसमें काजरी के समीप स्पोर्टस कॉम्पलेक्स प्लान भी शामिल है।

ग्रीन लैण्ड किया जाए चिह्नित
विधायक ज्ञानचन्द पारख ने नगर परिषद सीमा के समीप ग्रीन लैण्ड चिह्नित करने, घुमटी से पणिहारी चौराह तक नगरीय रोड को सौ फीट तक करने की संभावना तलाशने को कहा। घुमटी से साईं बाबा मंदिर तक सडक़ की चौडाई 100 फीट करने का सुझाव दिया। यूआइटी के सचिव वीरेन्द्रसिंह चौधरी ने कहा कि अब तक प्राप्त सभी सुझावों को शामिल करते हुए उपलब्ध आंकडों से मास्टर व जोनल डवलपमेंट प्लान बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी 30 दिनों में इस संबंध में आने वाली आपत्तियों का भौतिक सत्यापन कर उन सुझावों को शामिल किया जाएगा।

पहली बार बांटा पांच जोन में
यह मास्टर व जोन प्लान वरिष्ठ नगर नियोजक जोधपुर रूदनसिंह मीना के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। पहली बार पाली को पांच जोन में बांटकर जोनल डवलपमेंट प्लान तैयार किए गए है। इससे अवैध रूप से कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के लोगों को पट्टे मिल सकेंगे। अभी पाली का मास्टर प्लान तथा दो जोनल प्लान जारी हो चुके है। ऐसे में आपत्तिकाल के दौरान भी आवेदक अपना लैण्ड यूज देखकर पट्टे के लिए आवेदन कर सकेंगे। बैठक में नगर परिषद सभापति रेखा भाटी, नगर परिषद आयुक्त बृजेश रॉय व पार्षद राकेश भाटी आदि मौजूद रहे।