18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO : गलियों में घूम रहे समाज के ‘दुश्मन’, देखें पूरी खबर…

-जिला प्रशासन व पुलिस की रोक के बावजूद ठेले वाले बेच रहे सब्जियां-शहर की गलियों में दोपहर 2 बजे तक बेची सब्जियां

2 min read
Google source verification

पाली

image

Suresh Hemnani

Mar 28, 2020

VIDEO : गलियों में घूम रहे समाज के ‘दुश्मन’, देखें पूरी खबर...

VIDEO : गलियों में घूम रहे समाज के ‘दुश्मन’, देखें पूरी खबर...

पाली। कोरोना वायरस [ Corona virus ] के संक्रमण से बचाव के लिए जिला प्रशासन व पुलिस [ Pali police ] की ओर से खुदरा व्यापारियों के साथ ठेले पर सब्जी बेचने वालों पर पाबंदी लगाई है, लेकिन इसका असर किसी भी सब्जी विक्रेता [ Vegetable seller ] पर नहीं पड़ रहा हैं। वे पिछले दो दिन से रोक के बावजूद गलियों में सब्जियां बेच रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि केवल होलसेल सब्जी विक्रेता को ही सब्जी देने के आदेश के बावजूद खुदरा ठेले वालों के पास सब्जी कैसे पहुंच रही है। पुलिसकर्मियों की चौराहों पर तैनाती है, फिर भी ये ठेले वाले आवाज लगाते हुए गलियों में जाकर सब्जी कैसे बेच रहे हैं। स्थिति यह है कि इन विक्रेताओं के पास ग्राहक भी पहुंच रहे हैं। जिनसे ये मनमाने दाम वसूल रहे हैं।

सुबह से हो जाते है शुरू
ठेलों पर सब्जी बेचने वाले सुबह से ही गलियों में फेरी लगाना शुरू कर देते हैं। कई सब्जी विक्रेता तो दोपहर में डेढ़-दो बजे तक सब्जी बेच रहे हैं। शहर की महात्मागांधी कॉलोनी व रामनगर में दोपहर दो बजे चंदलिया बेचने वाले पहुंचे। पूछने पर बोले अब थोड़ा ही माल है। बेचकर घर चले जाएंगे।

सुबह : 10.32 महावीर उद्योग नगर
शहर के भीतरी क्षेत्र महावीर उद्योग नगर में सुबह 10.30 बजे एक एक सब्जी विक्रेता ककड़ी, टमाटर, मिर्ची व गोबी लेकर पहुंचा। उसके पहुंचने पर पीछे से एक महिला ने दाम पूछे। इसके बाद दूसरी महिला दाम पूछकर उसके ठेले के पास पहुंची। चंद मिनट में तीन-चार महिलाएं एकत्रित हो गई।

सुबह : 10.34 मोची कॉलोनी
नाडी मोहल्ला व मोची कॉलोनी चौराहे पर दो सब्जी विक्रेता ठेला लेकर सब्जी बेच रहे थे। उनके पास छह ग्राहक खड़े थे। इनसे चंद कदमों की दूरी पर ही केरिया दरवाजा क्षेत्र में पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन किसी ने इन विक्रेताओं से यह नहीं पूछा कि वे रोक के बावजूद ठेला लगाकर क्यों बैठे हैं।

सुबह : 10.55 गजानन मार्ग
गजानन मार्ग से जंगीवाड़ की तरफ जा रही रोड पर दो ठेले वाले खड़े थे। एक पपीता व अंगूर तो दूसरा आलू व लहसून बेच रहा था। पपीता बेचने वाले के पास तो दो ग्राहक खड़े थे। जबकि आलू बेचने वाले के पास से ग्राहक के जाने पर वह रवाना होकर गजानन मंदिर की तरफ बढ़ा।