पाली/पिपलिया कलां। राजस्थान में अपनी पुरातन परम्परा को जीवित रखते हुए पाली जिले के पिपलिया कलां से एक दूल्हा करीब चार किलोमीटर दूर बारात लेकर पहुंचा।
गांव से दस सजी-धजी बैलगाडिय़ों में निकली बारात को देखने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। वधु के ग्राम में भी बारातियों का जोरदार स्वागत किया गया।
पिपलिया कलां निवासी देवाराम पटेल के बेटे पदमकुमार का विवाह निकट के दोरनड़ी गांव से हुआ। परिवार की इच्छ थी कि बारात महंगी गाडिय़ों की बजाय पुरानी परम्परा के अनुसार ले जाएं।
उन्होंने पारिवारिक परम्परा के अनुसार बैलगाड़ी में बारात ले जाने का निर्णय किया। करीब चार किलोमीटर दूर दस बैलगाड़ी में बारात दोरनड़ी गांव पहुंची।