पाली। लाखोटिया तालाब की कच्ची सडक़ तोडऩे को लेकर अजीबो-गरीब वाकया हुआ। कच्ची सडक़ तोडऩे पहुंचा बुलडोजर दो लोगों के हल्के विरोध से ही मौका छोड़ भागा। हालांकि, आसपास के लोगों ने चालक को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी।
दरअसल, लाखोटिया तालाब में बनी कच्ची सडक़ तोडऩे को लेकर लम्बे समय से विवाद चल रहा है। जिला कलक्टर के आदेश पर नगर परिषद ने पिछले दिनों सडक़ तोडऩे के आदेश जारी किए थे। बुधवार शाम लाखोटिया तालाब पर एक बुलडोजर पहुंचा। बुलडोजर से रामनगर के सामने से बनी सडक़ को कुछ दूरी तक खोदा गया। इतने में दुपहिया वाहन पर आए दो लोगों ने इसका विरोध किया। इतना होते ही बुलडोजर चालक वहां से रवाना हो गया। आसपास के लोगों ने चालक को खुदाई पूरी करने के लिए भी कहा, लेकिन वह रुका नहीं। इधर, नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि सडक़ तोडऩे के विरोध में भैरूघाट पर जाम लगा दिया गया था और कच्ची सडक़ पर भी बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए थे। इसलिए बुलडोजर को वापस बुला लिया गया।
किन्नरों के घाट से बनाई कच्ची सडक़
नगर परिषद की ओर से किन्नरों के घाट से कच्ची सडक़ बनाई गई है। इस कच्ची सडक़ को लाखोटिया उद्यान के मुख्य द्वार के सामने तक ले जाने के लिए तालाब के तीसरे हिस्से को भी करीब आधा पाट दिया गया है। परिषद के यह कच्ची सडक़ बनाने के बाद एक जने ने अपने भूखण्ड का द्वार तालाब में खोलने के लिए दरवाजा लगा दिया है। जबकि एक ने तालाब की भूमि पर तारबंदी कर पौधरोपण के नाम पर अतिक्रमण कर लिया है। इसे बावजूद नगर परिषद की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
टैंकर चालकों ने रुकवाया काम
उच्च न्यायालय के आदेश की पालना में जिला कलक्टर ने तालाब से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए थे। नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी। उसी समय कुछ टैंकर चालक पहुंचे और बुलडोजर वाले को जाने को कहा और बोले चेयरमैन से बात हो गई है। यह रास्ता नहीं हटाने देंगे। -चन्द्रभानू राजपुरोहित, एडवोकेट
परिषद के अधिकारी व कार्मिक नहीं थे साथ
नगर परिषद की तालाब से कच्ची अवैध सडक़ हटाने की मंशा नहीं है। सिर्फ नाम के लिए एक बुलडोजर भेजा गया। उसके साथ कोई कार्मिक या अधिकारी नहीं था। वह बुलडोजर भी दो व्यक्तियों के वहां पहुंचकर हल्का विरोध करने पर ही तुरन्त रवाना हो गया। मैं उस समय मौके पर ही था। -बाबूलाल बोराणा, शहरवासी
पन्द्रह दिन पहले आदेश किए थे
पन्द्रह दिन पहले इस कच्ची सडक़ को तोडऩे के आदेश कर दिए थे। सडक़ तोडऩा भी शुरू कर दिया था। मैं जयपुर था वहां जानकारी मिली कि सडक़ तोडऩे का विरोध हो रहा है। भैरूघाट पर जाम लगा दिया है। इस पर कच्ची सडक़ तोडऩे का काम रोकना पड़ा। -आशुतोष आचार्य, आयुक्त, नगर परिषद, पाली