पाली। विधानसभा चुनाव में आमजन की विजयी होने वाले प्रत्याशियों से क्या अपेक्षाएं है। जनता किस तरह का विकास अपने क्षेत्र में चाहती है। यह जानने के लिए सोमवार को पत्रिका टीम पहुंची शहर के शक्ति नगर क्षेत्र में। वहां आमजन से बातचीत करने पर उन्होंने क्षेत्र के हालातों के साथ शहर में नए उद्योगों के विकास, प्रदूषण की समस्या के स्थाई समाधान, शिक्षा के क्षेत्र में बांगड़ कॉलेज के विकास, शहर में कोचिंग संस्थानों को खोलने के साथ जल के लिए जवाई पर निर्भर नहीं रहकर नए विकल्प तैयार करने को लेकर आपनी राय रखी। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों ने 7 दिसम्बर को मतदान करने के साथ स्वच्छ व साफ छवि वाले प्रत्याशी को चुनकर विधानसभा में भेजने की शपथ ली।
बैठक में यह मुद्दे रखे आमजन ने
यशवंतसिंह चुण्डावत : पाली को पानी की समस्या से जुझना पड़ता है। इसके विकल्प के रूप में जोधपुर से पाली तक पाइप लाइन बिछाई जानी चाहिए।
सोहन गौतम : बालिका विद्यालयों की सुरक्षा लिए कदम उठाए जाने चाहिए। वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए। समाज कंटकों स्कूलों के आस-पास खड़े नहीं रहने देना चाहिए।
मनीष पंवार : शहर में बाइकर्स पर रोक लगानी चाहिए। शहर में बेहतर आवासीय योजना बननी चाहिए। विकास जनता की मांग के आधार पर होना चाहिए।
मोहित सोलंकी : औद्योगिक क्षेत्र की चिमनियों से उठने वाले धुएं और कालिख से लोगों को परेशानी होती है। इस प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
शंकरलाल पंवार : पाली से टेक्सटाइल पलायन कर रही है। यहां टेक्सटाइल के साथ चूड़ी उद्योग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। अन्य उद्योग भी लगाए जाने चाहिए। ग्रेनाइट उद्योग को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
कानसिंह रावत : यहां पावरलूम की फैक्ट्रियां कम हो रही है। यहां ऐसे उद्योग लगाए जाने चाहिए जिनसे प्रदूषण कम हो। फैक्ट्रियां बंद होने से श्रमिक पलायन कर रहे है।
सुरेश गिरी : औद्योगिक इकाइयों में जिले व राज्य के बाहर से आए लोग कार्य करते हैं। यहां के उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलना चाहिए।
नरपत सोनी : भालेलाव व भांगेसर रोड से हिम्मत नगर तक लिंक रोड बनाई जानी चाहिए। जिससे आवागमन में सुविधा हो।
चन्दन सैन : जवाई बांध मानसून पर निर्भर है। पेयजल के साथ उद्योगों को पानी चाहिए। इसके लिए नर्मदा नहर का पानी जवाई तक लाने का प्रयास करना चाहिए।
भगवानसिंह : पाली को शिक्षा का हब बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। यहां 12वीं कक्षा के बाद विकल्प नहीं होने के कारण बच्चों को अन्य शहरों में भेजना पड़ता है।
पार्षद त्रिलोक चौधरी : सीवरेज व 24 घंटे जलापूर्ति की योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 24 घंटे जलापूर्ति होने पर पानी की खपत बढ़ेगी नहीं बल्कि घटेगी। इसका हमने अध्ययन भी किया है।
भंवरनाथ : विकास रोजगार पर निर्भर है। यहां मशीनरी रोजगार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जिससे पॉलोटेक्निक कॉलेज में पढऩे वाले बच्चों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके।
राकेश पंवार : पाली में एमससी नहीं है। जबकि पाली के कॉलेज में इसे खोलने लिए पूरी व्यवस्था है। यहां व्याख्याताओं के साथ लेब भी है। उच्च शिक्षा में विकास की बहुत जरूरत है।