मांडा/पाली। मोदी का सपना चूर, गांवों से स्वच्छ भारत मिशन दूर…प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वच्छ भारत मिशन का सपना अभी कई गांवों व कस्बों से दूर नजर आ रहा है। पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन उपखण्ड क्षेत्र के मांडा गांव में इनदिनों गन्दगी के कारण ग्रामीणों का रहना मुश्किल हो गया है। गांव के बस स्टैंड पर खुले नाले व सडक़ की सफाई नहीं होने के कारण फैली गन्दगी से व्यापारियों व ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बीमारियां फेलने की आशंका बनी हुई है।
गांव के भुण्डाराम प्रजापत ने बताया कि गत तीन-चार वर्षों से बस स्टैंड का गंदा नाला ऐसे ही खुला पड़ा है। जिसकी बदबू से रहना मुश्किल हो गया है। हाथ ठेला संचालक दुर्गा राम प्रजापत व कालू सिंह का कहना है कि यहां का पिचका पीने के पानी का एकमात्र स्थान है। जिसका पानी दिनभर व्यर्थ बहता रहता है। ना तो ग्राम पंचायत ध्यान दे रही है और ना ही कोई जिम्मेदार विभाग।
बीमारी फेलने की आशंका
व्यवसायियों ने बताया कि बस स्टैंड पर ना तो नाला बनकर तैयार हो रहा है और ना ही पानी की निकासी की उपयुक्त व्यवस्था है। जिसके कारण पानी एक जगह जमा हो जाता है। जमा पानी से बीमारियां फेलने की आशंका बनी हुई है।
भामाशाह ने 20 लाख खर्च कर बनाया था जलगृह
मांडा गांव के बस स्टैंड पर भामाशाह प्यारेलाल पिथलिया परिवार द्वारा लगभग 20 लाख रुपए खर्च कर अत्याधुनिक जलगृह व नया पिचका बनवाया था। जलगृह के आसपास फैले कीचड़ की वजह से प्यास बुझाने के लिए आने वाले ग्रामीणों को बदबू से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कहा…
बस स्टैंड पर खुले नाले से फेलती गंदगी को लेकर पंचायत को कई बार लिखित में शिकायत की है। लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय बहाना बनाकर काम अटकाया जा रहा हैं। -कालू सिंह, ठेला संचालक
बस स्टैंड पर खुले नाले के पास खड़ा होना मुश्किल हो गया है। जगह-जगह पसरी गंदगी के कारण यहां आने वाले ग्रामीणों को बदबू से परेशान होना पड़ता है। -दुर्गाराम प्रजापत, ठेला संचालक
दुकान के बाहर खुले नाले से बदबू आती है। नाला खुला होने के कारण ग्राहक भी दुकान पर नहीं आते। नाले के कारण मार्केट में कोई दुकान किराया में भी नहीं लेता। – भुण्डाराम राम प्रजापत, मांडा