पाली। ‘बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम, कसम चाहे ले लो खुदा की कसम…’ माधुरी दीक्षित, संजय दत्त और सलमान खान अभिनीत फिल्म साजन का ये गीत आपको जरूर याद होगा। वर्ष 1991 में रिलीज हुई इस फिल्म के गाने के साथ सभी तरानों ने कई सालों तक धूम मचाई और युवा दिलों में हलचल पैदा कर दी। लगभग इन्हीं वर्षों में भारत में वैलेंटाइन-डे का सूत्रपात हुआ। प्रित के इजहार के नाम पर करीब तीन दशक में इसे अरबों खरबों के व्यावसायिक कारोबार का स्वरूप दे दिया गया।
वैलेंटाइन-डे मस्त और मनभावन मधुमास में ही आता है। मधुमास भी मदनोत्सव रूप में भारत में सदियों से मनाया जाता रहा है। पेड़ों की शाखों पर पतझड़ के बाद नई कौंपल फूटती हैं, सुगन्धित पुष्प गुच्छ और पक्षियों का कलरव मन में हिलोरे मारने लगता है तक मोहब्बत का रंग फिजाओं में घुल जाता है। करीब तीन दशक से बाजारीकरण ने इस मदनोत्सव को वैलेंटाइन-डे के रूप में स्थापित कर दिया है। ये भी पूरे सप्ताह मनाया जाने लगा और छोटे-छोटे शहरों में भी लाखों का कारोबार किया जा रहा है।
सजा पाली का बाजार
वैलेंटाइन-डे व मातृ-पितृ दिवस को लेकर शहर में फूल बेचने वालों ने विभिन्न डिजाइनों के छोटे-बड़े गुलदस्ते, सिंगल गुलाब का फूल आदि का स्टॉक किया था। फूल विक्रेता मोहम्मद इस्माइल ने बताया कि वैलेंटाइन-डे व मातृ-पितृ दिवस पर विशेषकर गुलाब के फूल, गुलदस्ते बिके। इसको लेकर उन्होंने विभिन्न रंगों के गुलाब के फूल के साथ अन्य फूल बैंगलूरु व, इंदौर मंगवाए। इधर, गिफ्ट आइटम का बाजार गुलजार रहा। विक्रेता नरेश सोलंकी ने बताया कि अलग-अलग साइज के टेडी बीयर, लाइटिंग लव कपल जोड़ा, राधा-कृष्ण की मूर्तियां, आकर्षक रोशनी से सजा ताजमहल प्रेमियों को लुभा रहे हैं।
ग्रीटिंग कार्ड का क्रेज हुआ कम
व्यापरियों की माने तो सोशल मीडिया पर कई एप है। जिनके जरिए एक-दूसरे तक अपनी बात, फोटो और वीडियो पहुंचाने की सुविधा है। ऐसे में ग्रीटिंग कार्ड खरीदने का क्रेज कम हो गया है। इंटरनेट पर कई तरह के एप है। जिनके जरिए युवा फोटो एडिटिंग कर खुद ही कार्ड बनाकर सेंड करते हैं।
ऑनलाइन का क्रेज
ऑनलाइन खरीदारी को लेकर युवाओं के जबरदस्त क्रेज है। कई युवाओं ने अपनी प्रियसी को देने के लिए ऑनलाइन फूल भी मंगवाए। फूल विक्रेता मोहम्मद इस्माइल ने सोशल मीडिया पर पेज बना रखा है। लोग गुलदस्ते का ऑनलाइन ऑर्डर देते हैं। उन्होंने बताया कि पाली से मुम्बई आदि शहरों के लिए भी गुलदस्ते बुक हुए है।
बदल रहा तरीका
वैलेंटाइन डे पर प्रेमी और प्रियसी को गिफ्ट आदि देने के साथ एक नया ट्रेड भी शुरू हुआ है। इसमें प्रेमी व प्रेमिका के बजाय बच्चे माता-पिता को गिफ्ट व फूल भेंट कर आशीर्वाद लेने लगे है। इस दिन को मातृ-पितृ दिवस के रूप में भी मनाया जाने लगा है। स्कूलों में भी मातृ-पितृ दिवस को लेकर कार्यक्रम हुए। कई स्कूलों में बच्चों ने माता-पिता व अभिभावकों के भाल पर तिलक लगाकर उनसे आशीर्वाद लिया।