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. धुरासनी में अतिक्रमण नहीं हटाने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

नोटबंदी में बैंक खाते में जमा कराए करीब एक करोड़, सर्वे के लिए पहुंची आयकर विभाग की टीम

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ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

पाली . धुरासनी गांव में स्कूल भूमि के लिए प्रस्तावित भूमि पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। यह अतिक्रमण नहीं हटाने से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि जिला कलक्टर की ओर से तहसीलदार को 16 फरवरी तक अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने नायब तहसीलदार को भेजकर अतिक्रमण हटाने का महज आश्वासन ही दिया है। ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने के लिए चार बुल्डोजर मशीन भी उपलब्ध करवाई। इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने के प्रति रुचि नहीं दिखाई गई है। ग्रामीणों ने शनिवार तक अतिक्रमण हटाने की मांग की है।

- आयकर विभाग के सर्वे से शहर में दिनभर रही चर्चा

पाली .शहर के नाडी मोहल्ला क्षेत्र स्थित किराणे की दुकान पर आयकर विभाग जोधपुर की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची। दुकान मालिक ने नोटबंदी के दौरान करीब एक करोड़ रुपए के पुराने नोट अपने बैंक खाते में जमा करवाए थे।

सहायक आयकर निदेशक जोधपुर डी.एल. मीणा के नेतृत्व में एक टीम गुरुवार दोपहर को पाली के नाडी मोहल्ला क्षेत्र स्थित किराणा व्यापारी की दुकान पर पहुंची तथा सर्वे की कार्रवाई शुरू की, जो शुक्रवार शाम तक चलती रही। टीम में शामिल अधिकारियों की मानें तो दुकान संचालक ने बताया कि उसने नोटबंदी के दो-चार दिन पूर्व अपने पिता से 90-95 लाख रुपए गिफ्ट के रूप में लिए थे। ये राशि उसने नोटबंदी के दौरान अपने एकाउंट में जमा कराई थी।

वाह री नगर परिषद! निर्माण एेसी कैसी तेरी 'शैलीÓ

शहर के धर्मपुरा रोड स्थित घोसी कॉलोनी के लोग पिछले कई सालों से टूटे नाले की समस्या को लेकर परेशान है। कीचड़ से अटा ये ही नाला पिछले दिनों एक मासूम सहित तीन जिंदगियों पर भारी पड़ जाता। ये तो गनीमत रही कि मौके पर मौजूद लोगों ने बाइक समेत नाले में गिरे मासूम सहित तीनों को बाहर निकाल दिया। पिछले दिनों नगर परिषद के ठेकेदार ने काम शुरू किया, तो लोगों की शिकायत पर सभापति और परिषद एक्सईएन भी मौके पर पहुंचे और ठेकेदार को अच्छा काम करने की नसीहत दी थी। लेकिन, कछुआ चाल और नियमों को ताक पर रखकर करवाए जा रहे कार्य को देखकर लगता नहीं कि यहां के लोगों को इस नाले की समस्या से राहत मिल जाएगी। आलम ये है कि ठेकेदार ने मनमानी से नाले में सीमेंट ब्लॉक आड़े-तिरछे लगाकर इति श्री कर ली। एेसे में नगर परिषद की कार्यशैली पर ही प्रश्नचिह्न लग रहा है।