
पाली शहर के देवजी का वास में मकान में आई दरार।
-राजीव दवे/सुरेश हेमनानी
पाली के भैरूघाट क्षेत्र में बरसात में नमी बढ़ते ही खौफ मंडराने लगा है। वहां के मकानों में दरारें आने लगी है। देवजी का वास के कई मकानों में ये दरारें आई है। कई लोगों ने मकान खाली कर दिए है तो कइयाें ने बरसाती पानी से बचाव के घर की छतों व दीवारों पर तिरपाल लगाए है। इसके बावजूद दरारें बढ़ती जा रही है। हालात यह है कि वर्द्धमान श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ज्ञानगच्छ के उपाश्रय में दरारें आने के साथ आंगन भी धंस गया है। सीढि़यां उबड़-खाबड़ हो रही है। ऐसा ही हाल मकानों का भी है। गौरतलब है कि करीब तीन-चार साल पहले भैरूघाट क्षेत्र के मकानों में अचानक दरारें आना शुरू हुई थी। कई मकानों में इतनी बड़ी दरारें आ गई थी कि मकानों को जमींदोज करना पड़ा था। अब फिर वैसे ही हालात बन रहे है।
क्षेत्र में दरारें आ रही है। यहां से तीन-चार मकान मालिका खाली करके चले गए है। हमने प्रशासन को भी सूचित किया है। दरारें पन्द्रह दिन से पड़ रही है।
-महावीरचंद मूथा, अध्यक्ष, वर्द्धमान श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ज्ञान, शाहजी चौक
क्षेत्र के दस से बारह मकानों में दरारें आई है। यहां ज्यादा बरसात होने से जमीन में पानी आ रहा है। इससे पहले भी दरारें आने की समस्या हुई थी।
-गजेन्द्र संचेती, क्षेत्रवासी
मकान में ऊपर से नीचे तक दरारें आ गई है। दरारों को बढ़ने से रोकने के लिए छत पर तिरपाल लगाया है। जमीन में पानी की मार से यह समस्या हो रही है।
-प्रियंक मेहता, क्षेत्रवासी
भैरूघाट क्षेत्र में मैंने जांच की थी। उस क्षेत्र में मकानों का निर्माण तालाब की खुदाई से निकाली गई मिट्टी पर हुआ है। वहां की मिट्टी ऐसे है, जिसकी ताकत नमी बढ़ने पर कमजोर होती है। इस पर मकानों में दरारें आ जाती है। पुराने मकानों में दरारें आने की समस्या अधिक होती है। इस क्षेत्र का जियो टेक्निकल सर्वे करवाया जाना चाहिए। जिससे दरारें आने का मूल कारण पता लग सके।
-अजय शर्मा, एचओडी, स्ट्रक्चल इंजीनियरिंग विभाग, एमबीएम कॉलेज, जोधपुर
Published on:
20 Aug 2024 03:48 pm
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