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ऐसा क्या हुआ कि इस बांध का हो गया ये हाल, पढ़ें पूरी खबर…

बांध के जलग्रहण क्षेत्र में बने एनिकट व अवैध खनन ने रोका पानी

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पाली

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Suresh Hemnani

Sep 15, 2023

ऐसा क्या हुआ कि इस बांध का हो गया ये हाल, पढ़ें पूरी खबर...

सरदार समंद बांध

पाली जिले के प्रमुख बांधों में शामिल सरदारसमंद बांध से कहने को तो इससे 10 हजार 325 हैक्टेयर में सिंचाई होती है। लेकिन, आलम ये है कि पिछले 13 साल में एनिकट व अवैध खनन के कारण बांध एक बार भी नहीं भरा है। इतने सालों में बांध में तीन बार ही 15 फीट से अधिक पानी की आवक हो पाई। पांच साल ऐसे भी रहे, जब बांध में 10 फीट से भी कम पानी की आवक हुई। किसानों की माने तो बांध में करीब 8 फीट पानी आरक्षित रखा जाता है और किसानों को नहीं मिलता।

ऐसे में सिंचाई के नाम पर यह बांध किसानों के लिए महज छलावा साबित हो रहा है। बांध कमाण्ड क्षेत्र के किसानों के अनुसार वर्ष 1980 के बाद बांध के जलग्रहण क्षेत्र में 1000 से अधिक एनिकट बनने और अवैध बजरी खनन से पड़े गड्ढों के कारण बांध में सुकड़ी नदी से पानी की आवक नहीं के बराबर रह गई है। अब बांध में महज बरियाला वाळा और कुछ अन्य वाळों से पानी की आवक रह गई है।

इतना भरा वर्षवार बांध
वर्ष-फीट, एमसीएफटी
2010- 8.90, 79.90
2011- 9.15, 90.13
2012- 14.50, 508.14
2013- 8.40, 62.70
2014- 11.55, 223.60
2015- 10.60, 162.42
2016- 15.35, 617.01
2017- 12.15, 268.38
2018- 00, 00
2019- 22.25, 2148.69
2020- 12.95, 338.48
2021- 9.40, 101.46
2022- 16.70, 818.78
2023- 13.028, 460.83
(अब तक)

इन गांवों में होती है सिंचाई
सरदारसमंद गांव के सिंचाई क्षेत्र में 20 गांव आते हैं। बांध से सरदारसमंद, नई ढाणी, इन्द्रों की ढाणी, काला पीपल की ढाणी, निम्बली उड़ा, बागड़िया, दुदिया, ढाबर कलां, ढाबर खुर्द, बांड़ाई, मंडली दर्जीयान, अरटिया, भाकरीवाला, पीपलिया की ढाणी, झीतड़ा, मांडपुरिया, चंदलाई व एसएस फार्म में सिंचाई होती है।

बिना इजाजत बने अवरोध
बांध के जलग्रहण क्षेत्र में वन विभाग की ओर से व निजी लोगों की ओर से करीब 1000 एनिकट बना दिए गए है। इसमें सिंचाई विभाग की इजाजत भी नहीं ली गई। इससे बांध में पानी की आवक कम हो गई। किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा। -बाबूसिंह राजपुरोहित, अध्यक्ष, किसान संघर्ष समिति सरदारसमंद कमाण्ड

एनिकट हटवाए थे
सरदारसमंद बांध में बंधे अवैध एनिकटों को पूर्व में हटवाया गया था। इसके बाद बांध में पानी की आवक भी हुई। इस बार सुकड़ी नदी व जलग्रहण क्षेत्र में बरसात कम हुई है। -दिग्विजयसिंह, सहायक अभियंता, जल संसाधन विभाग, पाली

बांध एक नजर में
1899 वर्ष में बनना शुरू हुआ था बांध
1905 वर्ष में बनकर तैयार हुआ था बांध
25 फीट है बांध की भराव क्षमता
311.64 एमसीएफटी पानी आता है बांध में
3000 हैक्टेयर है बांध का भराव क्षेत्र

नदी में 50-50 फीट गहरे गड्ढे
सरदारसमंद बांध में सुकड़ी नदी से पानी की आवक होती थी। किसानों के अनुसार नदी में कई जगह पर अवैध बजरी खनन कर 50-50 फीट गहरे व कई फीट चौड़े गड्ढे कर दिए गए हैं। इससे पानी बांध तक नहीं पहुंचता। पाली-जयपुर हाइवे व जोधपुर-जाडन हाइवे की ऊंचाई अधिक होने से भी बांध में पानी की आवक बंद हो गई।

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