18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Patrika Foundation Day: जाने प्रदेश के इस शहर व महिलाओं के बारे में क्या बोली श​क्ति

राजस्थान पत्रिका स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में टॉक शो, अग्रवाल महिला मण्डल की महिलाओं ने बेबाकी से रखी बात।

3 min read
Google source verification

पाली

image

Rajeev Dave

Mar 03, 2024

Rajasthan Patrika Foundation Day: जाने प्रदेश के इस शहर व महिलाओं के बारे में क्या बोली श​क्ति

राजस्थान पत्रिका कार्यालय में आयोजित टॉक शो में चर्चा करती महिलाएं।

भक्ति व सेवा करने में पाली का कोई सानी नहीं है। उसे अब सौन्दर्यीरण व महिला विकास की नई गाथा लिखनी चाहिए। यह कहना था अग्रवाल महिला मण्डल की महिलाओं का। वे शनिवार को राजस्थान पत्रिका के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान पत्रिका पाली कार्यालय में आयोजित टॉक शो में बोल रही थी। उनका कहना है कि हमारे पास जोधपुर एक आधुनिक रूप से विकसित शहर है। वैसा ही पाली को भी बनाना चाहिए। महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर देने चाहिए। उनमें प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत है उनको मौका देने और आत्मविश्वास बढ़ाने की।

वित्तीय साक्षरता की कमी
महिलाओं में वित्तीय साक्षरता की कमी है। इसके लिए सरकार को अभियान चलाना चाहिए। ऐसे लोगों को चिह्नित कर सम्मानित करना चाहिए, जो परिवार की जिम्मेदारी के साथ अन्य कार्य बेहतर तरीके से कर रहे है, खासकर महिलाएं। इससे सोच बदलेगी और समाज में बदलाव आएगा।

जोली गुप्ता, सचिव
आर्थिक रूप से होनी चाहिए मजबूत

महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होनी चाहिए। जो महिलाएं सिलाई, कढ़ाई, पापड़, बड़ी आदि का कार्य कर रही है। उनको आधुनिक तकनीक व बाजार का ज्ञान करवाया जाना चाहिए। राजनीति में महिलाओं की भागीदारी आज भी कम है। वहां सम्मानजनक स्थान दिया जाना चाहिए।
अनू सिंघल, अध्यक्ष

नहीं दबानी चाहिए प्रतिभा


महिलाओं में बहुत प्रतिभा है। उसे परिजनों को आगे लाना चाहिए। दबाना नहीं चाहिए। इसके लिए समाज को जागरूक करने की जरूरत है। ऐसा होने पर महिला परिवार की स्टेटस सिम्बल बन सकती है। कई जगह पर घरेलू बिजनेस में भी महिला को आगे नहीं आने दिया जाता है।

डिम्पल गर्ग, कोषाध्यक्ष
सोच बदली, लेकिन उम्र बाधा

कई महिलाएं पहले समाज की सोच से आगे नहीं बढ़ सकती। अब उनके परिजनों व समाज में बदलाव आया तो आयु आड़े आ जाती है। जो महिलाएं 40 वर्ष तक पहुंच गई है, उनको नौकरी तक नहीं मिल पाती है। महिलाओं के स्वास्थ्य व हाइजिन को लेकर कार्य होना चाहिए।
सरला गर्ग

स्वयं का बनाना चाहिए अस्तित्व
महिलाओं को पुरुषों का अनुगामी नहीं बनना चाहिए। उनको स्वयं का अस्तित्व बनाने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए परिजनों को भी सहयोग करना चाहिए। महिलाएं भी एक-दूसरे का सहयोग कर आगे बढ़ सकती है। युवतियों को समाज से जुड़ना चाहिए।

दिव्या सर्राफ
दुनिया की शान है नारी

दुनिया की शान है नारी, शक्ति का आधार है नारी...यह बात सभी को समझनी होगी। मध्यम वर्ग की महिलाओं के सामने सबसे अधिक समस्याएं है। आर्थिक व पारिवारिक दोनों। उनको इससे ऊपर उठाकर आगे बढ़ाने के लिए सरकार से लेकर समाज तक को प्रयास करने चाहिए।
कुसूम सर्राफ

स्वास्थ्य समस्याओं पर होना चाहिए फोकस


महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर अधिक कार्य करने की जरूरत है। हर मोहल्ले या क्षेत्र में माह में कम से कम एक बार महिला चिकित्सक का शिविर लगाना चाहिए। जिसमें महिलाएं अपनी स्वास्थ्य समस्याएं बताकर उपचार पा सके। गायनिक के साथ अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।

कविता अग्रवाल
राजनीति में मिलना चाहिए सम्मान

महिलाओं को राजनीति में सम्मान मिलना चाहिए। परिजनों को भी उसे इस क्षेत्र में आगे बढ़ने से नहीं रोकना चाहिए। महिला अवेयरनेस के लिए टीम बनानी चाहिए। जो महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी दे सके और लाभ भी दिलवाए। अभी तो चंद लोगों को ही योजनाओं का लाभ मिलता है।
ममता गोयल

मध्यम वर्ग रहता उपेक्षित
सरकार की योजनाएं निर्धन लोगों के लिए अधिक है। मध्यम वर्ग की महिलाओं के लिए अधिक योजनाएं नहीं होने से वे आर्थिक व सामाजिक कारणों से पिछड़ जाती है। प्रतिभा होने पर भी आगे नहीं बढ़ पाती है। इस क्षेत्र में कार्य करने की बेहद आवश्यकता है।

रुकमणि बंसल
विकसित होना चाहिए ऑक्सीजोन

पाली में पत्रिका की ओर से चलाया गया ऑक्सीजोन का मुद्दा सराहनीय है। यह कोटा के समान पाली में भी बनना चाहिए। इससे एक रमणीय स्थल भ्रमण के लिए भी बन जाएगा। महिलाओं को भारतीय संस्कृति का ध्यान रखकर अपने कदम आगे बढ़ाने चाहिए और समाज को सहयोग करना चाहिए।
स्नेहा गुप्ता

आउटडोर खेल का बने हिस्सा
बच्चों को मोबाइल व टीवी से दूर करने के लिए महिलाएं बड़ी भूमिका निभा सकती है। उनको बच्चों के साथ रोजाना कम से कम एक घंटा खेलना चाहिए। भोजन करते समय तो टीवी व मोबाइल का उपयोग नहीं करना चाहिए। परिजनों को भी बच्चों के साथ समय गुजारना चाहिए।

सरला गर्ग