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World Youth Skill Day Special: कौशल विकास से संवार रही बेहतर भविष्य और ‘स्वरोजगार’ की राह

World Youth Skill Day Special: हर साल 15 जुलाई को यूथ स्किल डे मनाया जाता है। जिसका बड़ा उद्देश्य युवाओं को कौशल कला और रोजगार से जोड़ना है।

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World Youth Skill Day Special: कौशल विकास से संवार रही बेहतर भविष्य और ‘स्वरोजगार’ की राह

World Youth Skill Day Special: कौशल विकास से संवार रही बेहतर भविष्य और ‘स्वरोजगार’ की राह

World Youth Skill Day Special: वर्तमान दौर ऐसा है जहां डिग्री लेना ही काफी नहीं है। हर क्षेत्र में स्किल्ड युवाओं की तलाश है, जो किताबी ज्ञान के साथ-साथ अन्य कामों में भी निपुण हो। यह एक्स्ट्रा करिकुलर टैलेंट उन्हें भीड़ से अलग बनाते हैं। कौशल विकास वर्तमान की जरूरत है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शहर के युवाओं को स्किल्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कौशल विकास की शुरुआत स्कूल लेवल से ही हो चुकी है। कॉलेजों में भी अब तेजी से युवाओं को स्किल्ड बनाने के लिए प्रयास हो रहे हैं। हर साल 15 जुलाई को यूथ स्किल डे मनाया जाता है। जिसका बड़ा उद्देश्य युवाओं को कौशल कला और रोजगार से जोड़ना है।

रोजगार, स्वरोजगार के लिए ट्रेनिंग
उच्च शिक्षा विभाग ने तमाम सरकारी कॉलेजों में व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ बनाए हैं। यह प्रकोष्ठ समय-समय पर युवाओं के लिए स्किल्ड ओरिएंटेड कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। कक्षाएं लगाई जाती है और विद्यार्थी को न केवल रोजगार के लिए तैयार किया जाता है, बल्कि स्वरोजगार के लिए भी प्रशिक्षण दिए जाते हैं। यह प्रशिक्षण प्राप्त कर छात्र-छात्राएं स्वरोजगार अपना सकते हैं।
सेंट्रल स्किल इंडिया द्वारा संचालित कोर्स
●फैशन
●सिलाई
●हेल्थ एंड वेलनेस
●कम्प्यूटर ऑपरेटिंग
●वेब डिजाइनिंग

@ हीना राजपुरोहित, पाली
हीना राजपुरोहित बताती है कोरोना काल में 4 लाख मास्क का उत्पादन कर महिलाओं को रोजगार देने के साथ वो दो हजार महिलाओं व बालिकाओं को नारी स्विंग सेटर चलाकर सिलाई प्रशिक्षण व रोजगार दे रही है। 300 विधवा महिलाओं को तीन माह तक मुक्त राशन सामग्री भी दी थी। वर्तमान में नारी स्विंग सेटर चलाकर 150 महिलाओं को 5 लाख कपड़े के बैग बनाने का काम देकर रोजगार दिया है। उनका मानना है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनेगी तो घर की जिम्मदारियां पूरी करेगी।

@ दीपिका भाटी, मुसालिया, मारवाड़
दीपिका ने तीन साल पहले राणावास में संचालित राजस्थान कौशल और आजीविका विकास निगम शिविर में तीन महीने तक आवासीय प्रशिक्षण लिया । उसके बाद सोजत रोड एक निजी अस्पताल में एक साल तक नर्सिंग स्टॉफ का कार्य किया। अभी छह माह से राजकीय चिकित्सालय सोजतसिटी में कार्य कर रही है। 12वीं के बाद कौशल और आजीविका शिविर से उसका रूझान नर्सिंग कार्य करने का हुआ। आज वह इसी की वजह से सरकारी नौकरी भी कर पा रही है।