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हरियाणा विधानसभा में हुई नोंक-झोंक, एसवाईएल का मुद्या अब अदालत में लम्बित है या नहीं?

स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला को यह भी बताया कि उनका कार्यस्थगन प्रस्ताव नामंजूर कर दिया गया है...
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पानीपत

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Prateek Saini

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Updated: 10 Sep 2018, 8:26 PM IST

haryana assambly

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(चंडीगढ): हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र की दूसरी बैठक में सोमवार को एसवाईएल के मुद्ये पर स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला के बीच काफी नोंक-झोंक हुई। अभय चौटाला ने जहां एसवाईएल कैनाल के निर्माण के मुद्ये पर उनके कार्यस्थगन प्रसताव के तहत चर्चा करवाने पर जोर दिया वहीं स्पीकर कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लम्बित है और इसलिए चर्चा नहीं करवाई जा सकती। स्पीकर के इस फैसले के विरोध में अभय चौटाला के नेतृत्व में इनेलो सदस्य वैल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी के
बाद वे वाकआउट कर गए।

स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला को यह भी बताया कि उनका कार्यस्थगन प्रस्ताव नामंजूर कर दिया गया है। अभय चैटाला ने मुद्या उठाते हुए कहा कि एसवाईएल कैनाल के निर्माण के मुद्ये पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला अंतिम रूप से हरियाणा के पक्ष में आ चुका है। इसलिए कैनाल निर्माण पर चर्चा की जाना चाहिए। इस पर स्पीकर ने कहा कि अभी यह मामला कोर्ट में है और इसलिए चर्चा नहीं कराई जा सकती।


चौटाला ने कहा कि इस मामले में सरकार की नीयत ठीक नहीं है। इसलिए एक अर्जी दायर कर मामले को कोर्ट में लम्बित बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्ये पर यदि सदन में ही चर्चा नहीं कराई गई तो और कहां चर्चा कराई जा सकती है? इन सवालों पर भी स्पीकर ने यही दोहराया कि मामला अभी कोर्ट में लम्बित है।

स्पीकर के इस रूख पर इंडियन नेशनल लोकदल के सदस्य नारेबाजी करने लगे। उन्होंने किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद और एसवाईएल को लाना है हरियाणा को बचाना है नारे लगाए। हंगामा बढता देख स्पीकर ने इनेलो सदस्यों को निलंबित करने की चेतावनी भी दी। वित्त मंत्री केप्टेन अभिमन्यु ने बीच में स्थिति को संभालते हुए कहा कि इनेलो की बात को गंभीरता से सुना गया है। सरकार भी इसी मुद्ये पर संधर्ष कर रही है। सदन का समय बर्बाद न करें। इसके बाद इनेलो सदस्य वाकआउट कर गए और सदन में शांति हो गई। बाद में अभय चैटाला ने पत्रकारवार्ता में कहा कि सदन में उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है।