
water crisis in ajmer
पन्ना. नगर को करीब 40 फीसदी पेयजल की आपूर्ति करने वाले निरपत सागर तालाब की बेस्ट वियर अपनी कुल उचाई के बीचों-बीच क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे बेस्ट वियर से बीते एक सप्ताह से भी अधिक समय से पानी का रिसाव हो रहा है, बावजूद जिम्मेदारों ने इसे रोकने का प्रयास नहीं किया। यदि नगर पालिका के जिम्मेदार लोग नियमित रूप से तालाब तक जाते तो उनको इसकी भनक जरूर लग जाती है। ऐसे हालात में बेस्ट वियर के क्षतिग्रस्त होने की भी आशंका बढ़ गई है।
अभी नहीं चेते तो गर्मी के दिनों में उठानी पड़ सकती है भीषण समस्या
गौरतलब है कि निरपत सागर तालाब से शहर के ४० फीसदी पानी की सप्लाई होती है। इसका एफटीओ लेबिल १०६ फीट तक का है, लेकिन इससे १०४ फीट की ऊंचाई तक भरा गया था। अभी बारिश का सीजन गुजरे करीब एक माह हो रहा है। तालाब का जल स्तर एक से डेढ़ फीट तक गिर गया है। सूत्रों के अनुसार तालाब की बेस्ट वियर के बीच में अचानक कुछ दिनों से सुराख हो गया और इससे पानी निकल रहा है। दो स्थानों से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे हर दिन बड़ी मात्रा में पानी बह रहा है।
बेस्ट वियर में कई बड़े क्रेक
निरपत सागर तालाब राजशाही जमाने का है। इसका निर्माण कई दशकों पूर्व हुआ था। वर्तमान में तलाब की बेस्ट वियर में कई बड़े क्रेक आ गए हैंं। इन्हीं क्रेक से लागतार पानी का रिसाव हो रहा है। इसके कारण बेस्ट वियर के टूटने की आशंाक भी बढ़ गई है। जिम्मेदारों को इस ओर शीघ्रता के साथ ध्यान देना चाहिए।
यहां पानी बचाने का प्रयास, वहां तालाब की अनदेखी
एक ओर जिला प्रशासन द्वारा तालाबों को भरने के लिए किलकिला फीडर की नगर के सफाई का काम शुरू किया गया है तो दूसरी ओर अनदेखी के कारण तालाब का पानी लगातार कई दिनों से बह रहा है। यदि तालाब के पानी की बर्बादी समय रहते नहीं रोकी गई तो गर्मी के दिनों में काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
Published on:
08 Dec 2019 06:37 pm

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