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लाखों के हीरे उगल रहा एमपी का यह पहाड़ी झरना

यहां एक झरना है जिसे हीरों वाला झरना कहा जाता है। दरअसल यह झरना हीरे उगलता रहता है।

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यह झरना हीरे उगलता रहता है

एमपी का पन्ना जिला हीरों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां कई जगहों पर हीरों की खदानें हैं। हीरों की तलाश में देशभर के लोग पन्ना आते हैं और लीज पर खदानें भी लेते हैं। हीरों के लिए लोगों ने यहां के जंगल तक छान मारे हैं। इतना ही नहीं, यहां एक झरना भी है जिसे हीरों वाला झरना कहा जाता है। दरअसल यह झरना हीरे उगलता रहता है।

पन्ना जिले में स्थित यह झरना मूल रूप से बृहस्पति कुंड के नाम से जाना जाता है। अब इसका विकास किया जा रहा है। तत्कालीन कलेक्टर संजय मिश्र ने बृहस्पति कुंड के विकास की रूपरेखा तैयार की और इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर भेजा। इस प्रस्ताव पर पर्यटन सचिव शिवशेखर शुक्ला ने टीम भेजी। टीम ने यहां रैलिंग लगाने व ग्लास ब्रिज बनाने का सुझाव दिया है।

बृहस्पति कुंड राम वनपथ गमन मार्ग पर स्थित है। यहां बहते झरने में कई बार मूल्यवान हीरे मिले हैं, इसलिए इसे हीरों वाला झरना कहते हैं। हीरों वाले झरने यानि बृहस्पति कुंड की खूबसूरती में चार चांद लगाने की तैयारी हो चुकी है। पर्यटन विकास निगम जलप्रपात पर 200 करोड़ से कांच का पुल बनाएगा, जिससे पर्यटक पुल से वाटर फॉल के सौंदर्य को निहार सकें।

यह प्रदेश का पहला कांच पुल होगा। कुंड पर स्टॉपडैम बनाकर यहां नौका विहार की संभावनाएं भी तलाश रहे हैं। इसे अब 12 महीने पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी है। कुंड के पानी को लिफ्ट करने की भी योजना है। इस कुंड और झरने के विकसित होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, रोजगार के नए साधन मिलेंगे। पन्ना जिले को भी पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान मिलेगी।

जिला पुरातत्व, पर्यटन और संस्कृति परिषद के सदस्य मुकेश पाण्डेय ने बताया कि पहले चरण में जलप्रपात के चारों तरफ रेलिंग, ग्लास ब्रिज, विश्राम स्थल, पार्किंग, प्रसाधन गृह, कैफेटेरिया का निर्माण होना है। दूसरे चरण में जलप्रपात के नीचे स्टॉप डैम बना नौकायन व एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ावा देने व पानी लिफ्ट करने की योजना है। प्रपात के पास पैगोडा डिजाइन के विश्राम स्थल बनाए जाने हैं।

बृहस्पति कुंड श्रीराम वनपथ गमन मार्ग का महत्वपूर्ण स्थल व अगस्त्य मुनि की तपोस्थली है। पास में ही चंदेलकालीन शिव मंदिर है। हजारों साल पुराने आदिमानव के अद्भुत शैलचित्र हैं।