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चार आरोपियों को मिला आजीवन कारावास, पूरी खबर के लिए पढ़े यहां

पुराना पन्ना में एक साथ चार लोगों की हत्या करने वालों को आजीवन कैद की सजा, भोजन में नसीला पदार्थ मिलाकर पहले बेहोश किया फिर गला घोंटकर की थी सभी की हत्या।

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Four accused found life imprisonment in panna

Four accused found life imprisonment in panna

पन्ना. शहर के पुराने पन्ना में लूट के इरादे से चार लोगों की एकसाथ हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से पहले भोजन में नसीला पदार्थ मिलाकर खिलाया। इसके बाद उनके बेहोश होने पर गलाघोंटकर उनकी हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद घर में रखे गहने और कीमती चीजें लूटकर ले गए थे। करीब चार साल पुराने इस बहुचर्चित हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग द्विवेदी ने सभी अभियुक्तों को जघन्य अपराध के लिये आजीवन कैद की सजा सुनाई है।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया, 23 नवंबर 2014 को पुराना पन्ना निवासी मुकेश राय ने कोतवाली पन्ना में सूचना दी थी कि पुराना पन्ना निवासी सावित्री सेनी अपने तीन बच्चों के साथ रहती थी। वह तीन-चार दिन से दिखाई नहीं दे रही हैं। घर में ताला लगा हुआ है और घर के अंदर की लाइट जल रही है। मकान से बदबू आ रही है। उक्त सूचना कोतवाली पन्ना में लेख कर थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना अपने हमराही स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। जहां पर मकान का ताला चेक करने पर ताला खुला हुआ लटका मिला। जिसका पंचनामा तैयार किया गया और जब मकान के अंदर जाकर पुलिस वालों ने देखा तो सभी सन्न रह गए। घर में रह रहे चारों लोगों के शव घर में पड़े हुए थे। जिनसे दुर्गंध आने लगी थी।

दो कमरों में मिले थे चार शव, सामान भी बिखरा था
पुलिस ने बताया कि मकान के अंदर पहले कमरे में मृतक पुष्पेन्द्र सेनी व करन सेनी शव पड़े हुए थे। जबकि घरके दूसरे कमरे में मृतक सावित्री सेनी और उसकी लडकी शिल्पा सेनी की लाशें पडी हुई थी। दोनों कमरे में कपडे व सामान बिखरा पडा था। तब मौके पर देहाती मर्ग नालसी लेख की गई और चारों मृतकों के शव का रात में ही पोस्ट मार्टम के लिए करवाया गया। कोतवाली पुलिस द्वारा मामले में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 510/14ए धारा 302, 34 का अपराध पंजीबद्ध किया गया तथा विवेचना में लिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने मृतिका से दुश्मनी एवं घनिष्ठ संबंध रखने वालों की जानकारी एकत्र की गई।

मृतका के मोबाइल से मिला हत्याकांड का सुराग
जांच के दौरान ही पुलिस ने मृतका सावित्री सेनी के मोबाइल नंबर पर पर आए हुए काल और रिसीव काल की जानकारी निकलवाई। जिससे पता चला की मृतका के नंबर से गोविंद सिंह उर्फ राजा ठाकुर उर्फ कृष्णागिरि पिता मुन्ना सिंह ठाकुर उर्फ जगनारायन सिंह (26) निवासी ग्राम सिदोखर, थाना सुमेरपुर, जिला-हमीरपुर उप्र से बात हुई थी। आरोपी गोविंद सिंह के नंबर से ही तीन अन्य नंबरों पर बात हुई । मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना ने आरोपी गोविंद सिंह उर्फ राजा ठाकुर व उसके साथी शेख अनीश पिता शेख लियाकत (26) निवासी शेखन की बगिया छतरपुर थाना सिटी कोतवाली जिला छतरपुर, शेख रहीस पिता शेख लियाकत (28) निवासी शेखन की बगिया छतरपुर थाना सिटी कोतवाली जिला छतरपुर और शेख फारूख ऊर्फ चाहत पिता शेख लियाकत (21) निवासी शेखन की बगिया छतरपुर थाना.सिटी कोतवाली जिला छतरपुर को छतरपुर बस स्टैंड से गिर तार कर लिया था। जिनसे पूछताछ की तो आरोपीगणों ने अपना- अपना जुर्म स्वीकार किया।

मिठाई में मिलाया जहर, बाद में घोंटा गला
आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बतासा, मृतिका के घर से लूट करने के उद्देश्य से हम लोगों ने सुनियोजित तरीके से रबडी, मिठाई में नशीली दवा की गोलियों का चूर्ण मिलाकर सभी को खिला दिया था। बेहोश होने पर सभी मृतकों की रस्सी से गला घोंटकर हम लोगों ने हत्या कर दी थी। उसके बाद घर में रखे जेवरात सोना, चांदी, लेपटाप, मोबाइल और नगद रुपए लूटकर ले गए थे। पूछताछ कर आरोपीगणों का मेमोरेण्डम कथन लेख किया गया था और आरोपीगणों के बताये हुये स्थान से लूटे हुए सामान तथा घटना में प्रयुक्त सामान को जप्त किया गया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शासन द्वारा उक्त प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया। मामले में दोनो पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुराग द्विवेदी ने आरोपियों गोविंद सिंह उर्फ राजा ठाकुर, शेख अनीश, शेख रहीस और शेख फारूख ऊर्फ चाहत को धारा 450 भादवि में 10 वर्ष का कठोर कारावास व 500 रुपए के अर्थदड से दंडि़त किया। न देने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही सभी आरोपीगणों को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास और 1000 रुपए अर्थदंड व अर्थदंड न देने की दशा में 6 माह का अतिरिक्त कारावास, सभी अरोपीगणों को धारा 394 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कठोर कारावास और 500 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने की दशा में 3 माह का अतिरिक्त कारावास धारा 201 भादवि में 7 वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपए का अर्थदंड व अर्थदड नहीं देने की दशा में 3 माह का अतिरिक्त कारावास से दंडित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने पैरवी की।