7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

पन्ना के इस क्षेत्र में नियमित नहीं खुल रहीं स्कूलें, भगवान भरोसे चल रही शिक्षा पूरी खबर के लिए पढ़े यहां

कहीं देरी से पहुंच रहे तो कहीं जाते ही नहीं हैं शिक्षकों, गुनौर के इमलिया सहित कई स्कूल में हो रही लापरवाही

2 min read
Google source verification
God fearing education in panna mp

God fearing education in panna mp

गुनौर. शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद भी गुनौर के ग्रामीण अचंलों की स्कूलों में समय पर शिक्षक नहीं पहुंच रहे हैं। क्षेत्र की करीब एक दर्जन स्कूलों का निरीक्षण करने पर पाया गया कि अधिकांश शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। इमलिया स्कूल में पाया गया कि 11 बजे भी बच्चे शिक्षका के आने का इंतजार कर रहे थे। बारिश होने पर तो स्कूल में मानो अघोषित अवकाश ही हो जाता है। इसके कारण हालात यह है कि कक्षा 8 वीं के बच्चों से छोटी-छोट स्पेलिंग तक नहीं आती हैं। 5वीं के बच्चे किताब नहीं पढ़ पा रहे हैं।
स्कूलों में इन दिनों पुरस्तकों के वितरण का काम चल रहा है। इससे स्कूल में बच्चे तो पहुंच रहे हैं लेकिन शिक्षक समय पर पहीं पहुंच पा रहे हैं। बताया गया कि गुनौर उत्कृष्ट विद्यालय में प्राचार्य के सेवानिवृत्त नजदीक होने से वे स्कूल के प्रबंधन और संकुल क्षेत्र के स्कूलों के व्यवस्थाओं की ओर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। साथ ही स्कूलों के पास जिन शिक्षकों के घर हैं वे भी बच्चों के पढ़ाने के समय घरों में ही देखे जा रहे हैं।

अधिकारी नहीं कर रहे क्षेत्र का भ्रमण
क्षेत्र के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में शिक्षकों के समय पर स्कूल नहीं जोन की जानकारी होने के बाद भी विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उनके द्वारा स्कूलों का समय पर निरीक्षण भी नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा यदि नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण किया जाए तो व्यवस्था में कुछ हद तक सुधार लाया जा सकता है। स्कूलों में पढ़ाई नहीं होने को लेकर अभिभावक कई बार वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्कूलों का नियमित रूप से निरीक्षण करने की मांग कर चुके हैं। इसके बाद भी समस्याकी ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
दिन व दिन गिरते जा रहा शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए गुनौर वासियों ने जिला शिक्षा अधिकारी से क्षेत्र की सभी सरकारी व निजी विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता की जांच के लिए गुहार लगाए है। क्षेत्रवासियों ने कहा कि है जल्द दी जांच कर लापरवह शिक्षकों के प्रति ठोस कार्यवही करने के लिए कहा है। साथ ही ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि इन सरकारी स्कूल के शिक्षको के द्वारा निजी कोचिंग क्लास में बच्चों को पढने के बाध्य कर रहे है।