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पन्ना में जानलेवा हुए घाटी के गड्ढे, आए दिन हो रहे हादसों से घर की खुशियां मातम में बदली, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

समुचित रखरखाव नहीं होने से खस्ताहाल हुई घाटी की हालत

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happiness of the house turned into mourning from the pit of the valley

happiness of the house turned into mourning from the pit of the valley

पन्ना. अजयगढ़ घाटी का समुचित रखरखाव नहीं होने के कारण यहां की सड़कें जनलेवा होती जा रही हैं। कई हादसों में तो घरों की खुशियां मातम में बदल गई हैं। आज भी ये जानलेवा गड्ढ़ों को देखकर उनकी पूरानी घटना याद आ जाती है। इस समय तो पूरा घाटी मार्ग ही जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुका है। बदहाली का दंश झेल रही घाटी की सुरक्षा दीवारें भी जीर्ण-शीर्ण और क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन अब खतरनाक होता जा रहा है इस घुमावदार घाटी को क्षरण से बचाने के लिये बारिश के पानी की निकासी के लिए जो पूर्व की व्यवस्थाएं थीं वे पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। जिससे बारिश के पानी की निकासी नहीं होने की स्थिति में घाटी जगह-जगह धसक भी रही है। इससे घाटी में हर समय दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

सुरक्षा दीवारें भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त
जिला मुख्यालय को पड़ोसी राज्य उप्र के बांदा जिले से जोडऩे वाले मार्ग पर यह घाटी पड़ती है। जिसका निर्माण तकरीबन डेढ़ सौ वर्ष पूर्व तत्कालीन पन्ना नरेश महाराजा रुद्र प्रताप सिंह द्वारा कराया गया था। पिछले दिनों
हुई जोरदार बारिश के कारण इस घाटी में घुमावदार मोड़ों पर गहरे और खतरनाक गड्ढे हो गये हैं। इसी मार्ग से रेत से भरे डंपर व ट्रक भी निकलते हैं जिससे घाटी की हालत दिनों दिन और बिगड़ रही है।

दो प्रदेशों को जोड़ती है यह घाटी
मप्र व उप्र को जोडऩे वाली अजयगढ़ घाटी की स्थिति तो यह है कि रखरखाव के अभाव में कई जगह से घाटी में क्षरण हो रहा है वहीं सड़क के बीचोंबीच बने जानलेवा गड्ढे भी हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं। इसके साथ-साथ घाटी में कहीं पर भी सूचनात्मक साईन बोर्ड नहीं दिखाई, देते जिससे यह संकेत वाहन चालक को मिल सके कि आगे जाकर अंधा मोड़ है। कई जगह घाटी की सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त है जिससे दुर्घटनाओं की सम्भावना बढ़ जाती है।

सावधानी हटी और दुर्घटना घटी
घाटी की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि असावधानी व चूक होने पर वाहन सैकड़ों फीट नीचे खाई में गिर सकते हैं। घाटी इतनी घुमावदार व खतरनाक है कि जरा सी चूक भी दुर्घटना का कारण बन सकती है। गड्ढे की वजह से पूर्व में कई घटनाएं घटी हैं, जिसमें अनेकों लोग घायल हुए हैं। इस मार्ग से निकलने वाले बाइक सवारों का कहना है कि घाटी के गड्ढे जानलेवा बनते जा रहे हैं। दिन-प्रतिदिन इनकी गहराई और चौड़ाई बढ़ती जा रही है। इन्हीं गड्ढ़ों की वजह से बाइक सवार आये दिन दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।

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